Sunday, September 19, 2021
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साईं मंदिर में ड्रेस कोड पर उठाया था सवाल:तृप्ति देसाई के शिर्डी आने पर पाबंदी, प्रशासन ने कहा कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है

तृप्ति देसाई पुणे की एक नामचीन समाज सेविका हैं और महिलाओं के हितों को लेकर कई आंदोलन कर चुकी हैं-फाइल फोटो।

भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई के शिरडी के साईं मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सब डिविजनल ऑफिस शिर्डी ने मंगलवार को एक नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वे 8 दिसंबर से 11 दिसंबर के बीच साईं मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकती हैं। नोटिस में कहा गया है कि उनके यहां आने से कानून और व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है। यदि वह आदेश का उल्लंघन करती है तो उसे 188 आईपीसी के अनुसार दंडित किया जाएगा।

तृप्ति देसाई को भेजा गया नोटिस।
तृप्ति देसाई को भेजा गया नोटिस।

साईं ट्रस्ट ने ड्रेस कोड लागू किया है

पिछले सप्ताह शिर्डी के साईं मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों के दर्शन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत अब मंदिर में सिर्फ भारतीय परिधान पहन कर आने वालों को ही मंजूरी मिलेगी। संस्थान का कहना है कि कुछ दिनों से यह शिकायत आ रही थी कि कुछ श्रद्धालु छोटे कपड़े पहनकर दर्शन के लिए आ रही हैं। इस बीच भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई ने चेतावनी देते हुए कहा है कि मंदिर ट्रस्ट को ऐसे बोर्ड हटाना चाहिए, नहीं तो हम इसे अपने तरीके से हटायेंगे। तृप्ति ने 10 दिसंबर को शिर्डी जाकर इस बोर्ड को खुद हटाने का अल्टीमेटम दिया था।

मंदिर प्रशासन ने कोरोना का हवाला देते हुए सभी लोगों से इन नियमों का पालन करने की गुजारिश की है। मंदिर ट्रस्ट ने परिसर में इस बाबत नोटिस भी लगाया है। उस बोर्ड पर लिखा गया है, “श्री साईं भक्तों से अनुरोध है कि आप पवित्र जगह में पधार रहे हैं। अतः आपको भारतीय संस्कृति के अनुरूप वेशभूषा परिधान करने की विनती है।”

मंदिर परिसर में कई जगह इसी तरह के बोर्ड लगे हैं।
मंदिर परिसर में कई जगह इसी तरह के बोर्ड लगे हैं।

मंदिर का यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन
साईं बाबा मंदिर में प्रवेश को लेकर जारी ड्रेस कोड पर भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई ने कहा था,’भारत में संविधान है और संविधान ने सभी को अपनी मर्जी से बोलने और कपड़े पहनने की स्वतंत्रता दी है। मंदिर में किस तरह के कपड़े पहने चाहिए इसका ध्यान सभी भक्तों को होता है। ऐसे में इस तरह का फरमान जारी करना और बोर्ड लगाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। हमने देखा है कि शिरडी समेत कई मंदिरों में पुजारी अर्धनग्न होते हैं, वे सिर्फ धोती पहनते हैं लेकिन उनपर कोई रोक नहीं लगाता। इसीलिए शिरडी संस्थान को ऐसे बोर्ड तुरंत निकालने चाहिए, नहीं तो हम खुद इसे निकालंगे।”

कौन हैं तृप्ति देसाई ?

तृप्ति देसाई पुणे स्थित भूमाता ब्रिगेड की संस्थापक अध्यक्ष हैं। वह अन्ना हजारे के साथ कई सामाजिक कार्यों में हिस्सा ले चुकी हैं। शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं को प्रवेश करने और पूजा करने की अनुमति मिलने के पीछे सबसे अहम हिस्सा तृप्ति देसाई का है। इन्होंने मुंबई के हाजी अली दरगाह मे भी महिलाओं को प्रवेश मिलने के लिए आंदोलन किया था। इससे पहले नासिक के त्रयंबकेश्वर, कपालेश्वर मंदिर और कोल्हापुर के महालक्ष्मी मंदिर में महिलाओं के प्रवेश मिलने के लिए आंदोलन किया था।

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