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राजनाथ सिंह ने भारत में विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए स्वीडन रक्षा प्रमुखों को आमंत्रित किया, कहा- यूपी, तमिलनाडु में अच्छा मौका

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को प्रमुख स्वीडन रक्षा कंपनियों को भारत में विनिर्माण केंद्र स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य उपकरणों और प्लेटफार्मों के उत्पादन के निवेश हेतु भारत एक आकर्षक जगह है। भारत-स्वीडन रक्षा उद्योग सहयोग पर एक सम्मेलन के दौरान संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकार ने रक्षा उद्योगों को न केवल भारतीय आवश्यकताओं को पूरा करने बल्कि वैश्विक मांगों को पूरा करने में मदद करने के लिए सुधारों की एक श्रृंखला शुरू की है।

रक्षा मंत्री ने कहा कि स्वीडिश फर्मों को उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के समर्पित रक्षा गलियारों में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता हूं जहां वे राज्य सरकारों द्वारा दिए जा रहे अनूठे प्रोत्साहनों और भारत में अत्यधिक कुशल कार्यबल की उपलब्धता से बहुत लाभ उठा सकते हैं।

रक्षा मंत्री ने स्वचालित मार्ग से 74 फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में सरकारी मार्ग से 100 फीसद तक की अनुमति देने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी केंद्रित एफडीआई नीति भारतीय उद्योगों को विशिष्ट और सिद्ध सैन्य प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में स्वीडिश उद्योगों के साथ सहयोग करने में सक्षम बनाएगी।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’

रक्षा मंत्री बोले, ‘स्वीडन और भारतीय रक्षा उद्योगों के लिए सह-उत्पादन और सह-विकास की भारी गुंजाइश है। भारतीय उद्योग स्वीडिश उद्योगों को भी कलपुर्जों की आपूर्ति कर सकता है।’ उन्होंने कहा कि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का मिशन ‘आत्मनिर्भर भारत’ लागत प्रभावी गुणवत्ता वाले उत्पादों का उत्पादन के लिए हैं और इसका मूल आदर्श – ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ है।

उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में लाभ के अवसर

अपने संबोधन में, रक्षा मंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि भारत में विश्व स्तरीय सार्वजनिक और निजी जहाज निर्माण कंपनियों के पारिस्थितिकी तंत्र के साथ एक मजबूत जहाज निर्माण उद्योग है। उन्होंने कहा कि भारतीय शिपयार्ड द्वारा निर्मित जहाज वैश्विक मानकों के हैं और अत्यधिक लागत प्रभावी हैं।

उन्होंने कहा, ‘मैं इस अवसर पर स्वीडिश फर्मों को उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के समर्पित रक्षा गलियारों में निवेश करने के लिए आमंत्रित करता हूं, जहां वे राज्य सरकारों द्वारा दिए जा रहे अनूठे प्रोत्साहनों और भारत में अत्यधिक कुशल कार्यबल की उपलब्धता से बहुत लाभ उठा सकते हैं।’

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