Saturday, September 25, 2021
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सिरोही – कांस्टेबल ने गिरफ्तार नहीं करने के लिए मांगी डेढ़ लाख की घूस, खुद ही गिरफ्तार

  • दुष्कर्म मामले में गिरफ्तारी पर कोर्ट की रोक के बावजूद धमकाया
  • पीड़ित से कहा- हाईकोर्ट की रोक कुछ नहीं करेगी, केस की फाइल मेरे पास है, मैं जो लिखूंगा, वही कोर्ट मानेगा

सिरोही. सिराेही महिला थाने में चाैंकाने वाला मामला सामने अाया। दुष्कर्म मामले में आराेपी एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पर हाईकाेर्ट की राेक के बावजूद इस थाने का कांस्टेबल  थाना प्रभारी का रीडर नारायण सिंह राठाैड़ उसे धमका रहा था गिरफ्तार नहीं करने की एवज में डेढ़ लाख रुपए मांग रहा था। वह पीड़ित प्रदीप पुराेहित से 40 हजार रुपए ले चुका था, जबकि 18 हजार रुपए लेते हुए बुधवार काे उसे एसीबी ने पकड़ लिया।

कांस्टेबल की धमकियाें  वसूली से परेशान बरलूट थाने के मनोरा निवासी प्रदीप कुमार पुरोहित ने एसीबी में शिकायत की। सत्यापन में इसे सही पाया गया। इसके बाद कांस्टेबल काे ट्रेप किया गया। एसीबी पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रदीप के खिलाफ लीव-इन रिलेशनशिप में पार्टनर रही एक महिला ने जून, 2018 में बरलूट थाने में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था।

इसकी जांच महिला थाना प्रभारी को सौंपी गई थी। उस वक्त तत्कालीन थाना प्रभारी मोहनलाल गर्ग व कांस्टेबल नारायणसिंह राठौड़ आरोपी को गिरफ्तार करने में जुटे थे, जबकि मामले में पीड़िता के बयान कोर्ट में नहीं हुए थे। इस पर आरोपी प्रदीप कुमार ने हाईकोर्ट में सीआरपीसी 482 में याचिका दायर कर मुकदमे को निरस्त कराने की मांग की।

हाईकोर्ट ने 9 माह पहले ही उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। कांस्टेबल राठौड़ खुद को एएसआई बताते हुए उसे लगातार धमकी देकर पैसे मांग रहा था। आरोपी कांस्टेबल नारायणसिंह विभागीय परीक्षा देकर हैड कांस्टेबल पद पर पदोन्नति हो चुका है। मगर उसके खिलाफ तीन संतान होने के मामले की विभागीय जांच चल रही है। इसलिए उसकी पदोन्नति के आदेश लिफाफे में ही बंद है।

पीड़ित से कहा- हाईकोर्ट की रोक कुछ नहीं करेगी, केस की फाइल मेरे पास है, मैं जो लिखूंगा, वही कोर्ट मानेगा
कैलाश नगर निवासी आराेपी कांस्टेबल राठाैड़ ने प्रदीप से कहा था कि हाईकोर्ट से भले ही गिरफ्तारी पर रोक लगी हो, उससे कुछ नहीं होगा। मैं थाना प्रभारी का रीडर हूं और केस की जांच में मैं जो लिखूंगा, वही कोर्ट मानेगी। परिवादी तीन माह पहले नियुक्त हुई नई महिला थाना प्रभारी अनु चौधरी से मिलने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मगर कांस्टेबल उनसे भी यह कहते हुए नहीं मिलने दे रहा था कि केस की फाइल मेरे पास ही है और थाना प्रभारी भी तुम्हारी मदद नहीं कर पाएंगी।

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