Monday, September 27, 2021
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ज्यादा देर तक बैठने से महिलाओं में बढ़ सकता है दिल की बीमारियों का खतरा

एक ही जगह ज्यादा देर तक बैठे रहना सेहत के लिए अच्छा नहीं है। लेकिन हाल ही में हुए अध्ययन में महिलाओं के बारे में खासकर कहा गया है कि जो अधिकतर समय बैठने में गुजारती हैं, उनमें दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यह उन महिलाओं के साथ जोखिम है जो मेनोपॉज से गुजर चुकी हैं और ओवरवेट या मोटापे का शिकार हैं।

अमेरिका के फीनिक्स में एरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ हेल्थ सॉल्यूशन में न्यूट्रीशन के प्रोफेसर और लीड स्टडी ऑथर डोरोथी सियर्स का कहना है, ‘ग्लूकोज नियंत्रण और रक्त प्रवाह में तब सुधार होता है, जब बैठने के समय को कम किया जाता है और शारीरिक गतिविधियां बढ़ती हैं। यही नहीं रोजाना की कुकिंग और शॉपिंग जैसी हल्की-फुल्की गतिविधियों से मृत्यु दर के जोखिम को कम करने और हृदय रोग और स्ट्रोक की रोकथाम में मदद मिलती है।’

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने बड़ी उम्र की महिलाओं की आदतों को मापा गया जो कि अधिक वजन वाली या मोटापे की शिकार थीं। कुल 518 महिलाएं शामिल की गईं, जिनका बॉडी मास इंडेक्स 31 किलोग्राम प्रति स्क्वेयर मीटर था और उम्र औसतन 63 साल थी।

14 दिनों तक प्रतिभागियों ने दाहिने कूल्हे पर एक्सेलेरोमीटर पहना और इसे सिर्फ सोते समय और स्नान करने या तैरने के दौरान ही हटाया गया। एक्सेलेरोमीटर का इस्तेमाल पूरे दिन बैठने और शारीरिक गतिविधि को ट्रैक करने और रिकॉर्ड करने के लिए किया। एक बार रक्त  परीक्षण भी किया, जिसमें ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस को मापा गया।

नतीजों में देखा गया कि बैठने के हर अतिरिक्त घंटों को 6 प्रतिशत से अधिक फास्टिंग इंसुलिन और इंसुलिन रेजिस्टेंस में 7 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के साथ जोड़ा गया था। औसत सीटिंग पीरियड में प्रत्येक अतिरिक्त 15 मिनट में 7 प्रतिशत से अधिक फास्टिंग इंसुलिन और इंसुलिन रेजिस्टेंस में लगभग 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ जुड़ा हुआ था।

विशेषज्ञ बैठने में गुजारे गए समय और इंसुलिन रेजिस्टेंस के बीच नकारात्मक जुड़ाव को देखकर आश्चर्यचकित थे। डॉ. नबी वली का  कहना है कि कार्डियोवस्कुलर डिसीज आमतौर पर उन स्थिति को बताती है, जिनमें रक्त वाहिकाओं के संकुचित या अवरुद्ध होने की वजह से दिल का दौरा, एनजाइन या स्ट्रोक आने का खतरा रहता है।

लंबे समय तक बैठे रहने से आंतरिक अंगों खासकर दिल पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है। एक ही स्थान पर घंटों तक बैठे रहते हैं, तो शरीर के सभी अंगों में रक्त का प्रवाह ठीक तरह से नहीं हो पाता है। खराब रक्त प्रवाह वसा और पट्टिका को आसानी से रोक देता है जो हाई ब्लड प्रेशर, ऊंच्च कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों जैसी समस्या को जन्म देता है।

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