Sunday, September 19, 2021
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स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशंस ने VC के दफ्तर के सामने किया प्रदर्शन

पंजाब यूनिवर्सिटी ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी चुनाव फिर से टलने के बाद स्टूडेंट्स में काफी रोष हैं। शनिवार को VC के दफ्तर के सामने सभी स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ने एक जॉइंट प्रोटेस्ट किया और ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी चुनाव करवाने की मांग की। स्टूडेंट्स का कहना था कि VC और DSW अपनी मनमानी कर रहे हैं। इस दौरान VC और DSW के विरोध में नारेबाजी भी की गई। स्टूडेंट्स ने कहा कि यूनिवर्सिटी के लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।बता दें कि शुक्रवार शाम जैसे ही PU प्रशासन की ओर से ग्रेजुएट कॉन्स्टीट्यूएंसी चुनाव रद्द करने का आदेश जारी हुआ तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) को छोड़कर लगभग सभी स्टूडेंट संगठनों की ओर से जॉइंट प्रोटेस्ट की घोषणा और सभी स्टूडेंट-नॉन स्टूडेंट संगठनों को भी इसमें शामिल होने की अपील की गई थी।

पहले भी हो चुका है बड़ा प्रोटेस्ट

बता दें कि 18 अगस्त को ग्रेजुएट कांस्टीट्यूएंसी के चुनाव होने थे। इस कॉन्स्टीट्यूएंसी से ज्यादातर पुराने स्टूडेंट नेता इलेक्शन लड़ते हैं। इस बार करीब 15 कैंडिडेट PU के ही पुराने स्टूडेंट्स लीडर या रिसर्च स्कॉलर हैं। इससे पहले भी सीनेट के इलेक्शन को लेकर बड़ा प्रोटेस्ट हुआ था। उसमें बीते करीब 40 साल के यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट संगठनों के प्रेसिडेंट पहुंचे थे जिनमें से कुछ आजकल विधायक भी हैं।

शुक्रवार देर शाम यूनिवर्सिटी ने किया नोटिस जारी

शुक्रवार देर शाम यूनिवर्सिटी की ओर से नोटिस जारी किया गया कि चुनाव के लिए अभी तक उत्तराखंड और दिल्ली सरकार ने परमिशन नहीं दी है। यूनिवर्सिटी की ओर से जारी आदेश में लिखा था कि कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए वाइस चांसलर अपनी PU कैलेंडर वॉल्यूम वन की रेगुलेशन 12.2 के तहत मिले अधिकार का उपयोग करते हुए चुनाव फिलहाल पोस्टपोन कर रहे हैं और अगली तारीख की कोई जानकारी नहीं दी गई है। पंजाब के स्टेट काउंसिल ऑफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग(SCERT) के डायरेक्टर को जब चुनाव के बारे में लिखा गया तो उन्होंने कहा कि या तो स्कूल के बजाय दूसरी जगह पर आप बूथ बनाए या फिर इलेक्शन छुट्टी वाले दिन कराए जाएं। हालांकि यूनिवर्सिटी के पास इसका कोई तर्क नहीं है कि SCERT को परमिशन लेने के लिए लेटर क्यों लिखी गई? यह तकनीकी एजुकेशन डिपार्टमेंट का मामला है जबकि स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट के पास हैं। SCERT ने परमिशन किस आधार पर दी। यूनिवर्सिटी पहले भी DPI के साथ-साथ इस विभाग को लेटर भेजती है।

बोले- PU स्टूडेंट यूनियन के पूर्व प्रेजिडेंट

चुनाव लड़ रहे सीरियल नंबर 39 के उम्मीदवार और PU स्टूडेंट यूनियन के पूर्व प्रेजिडेंट सिमरनजीत सिंह ढिल्लों ने कहा है कि यूनिवर्सिटी का यह व्यवहार अन प्रोफेशनल रवैया दिखाता है। यदि बूथ नहीं मिल पाए हैं तो यह प्रशासनिक क्षमताओं में कमी और योग्यता का प्रतीक है। यह पंजाब सरकार की भी नाकामी है। दोबारा यह साबित हो गया है कि यूनिवर्सिटी के लोकतांत्रिक ढांचे को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। अगर ग्रेजुएट कॉन्स्टीट्यूएंसी के इलेक्शन नहीं होते तो बाकी कॉन्स्टीट्यूएंसी के इलेक्शन होने का भी कोई अर्थ नहीं रहेगा, क्योंकि सीनेट तभी पूरी होगी जब सभी इलेक्शन हो जाएंगे।

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