अब तक दुनिया के 70 देश आइएसए के सदस्य बन चुके हैं। वैसे अब तक 88 देशों की ओर से सदस्य बनने की सहमति है। मुख्यालय में समय-समय पर कार्यशाला आयोजित किए जा रहे हैं। इसका लाभ अपने देश को काफी मिल रहा है। इस साल जून तक के आंकड़े ही देखें तो देश में 35 हजार 700 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा प्लांट लग चुका है। जुलाई से लेकर नवंबर तक के दौरान भी काफी काम हुए हैं। कोरोना संकट के बाद भी सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से काम चल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वर्ष 2022 तक जो लक्ष्य रखा गया है उसमें से लगभग 37 फीसद लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। आइएसए आगे सौर ऊर्जा आधारित नौकाओं पर काफी जोर देगा। यही नहीं सौर ऊर्जा आधारित विमानों का निर्माण आने वाले समय में शुरू हो, इस दिशा में विमान निर्माता कंपनियों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

एक बिलियन स्ट्रीट लाइट का टेंडर जारी करेगा आइएसए : आइएसए जल्द ही पूरी दुनिया के लिए एक बिलियन स्ट्रीट लाइट का टेंडर जारी करेगा। इस दिशा में कार्यवाही शुरू हो चुकी है। पूरी दुनिया में स्ट्रीट लाइट के ऊपर आने वाले समय में बढ़-चढ़कर काम होने वाला है। भारत के भीतर भी गांव-गांव में स्ट्रीट लाइट की सुविधा विकसित करने की योजना है। इससे सौर ऊर्जा की मांग बढ़ेगा। मांग बढ़ने पर सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए कंपनियां बढ़-चढ़कर आगे आएंगी।

आइएसए महानिदेशक (डीजी) उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि आने वाला समय सौर ऊर्जा का है। यह बात पूरी दुनिया को समझ में आ चुकी है। यही वजह है कि दुनिया के अधिकतर देश अब इस दिशा में तेजी से प्रयास कर रहे हैं। भारत में तो सौर ऊर्जा के क्षेत्र में धीरे-धीरे क्रांति जैसी स्थिति बन जाएगी। लोगों में जबर्दस्त जागरूकता आई है। गांव-गांव में लोग सौर ऊर्जा के ऊपर ध्यान दे रहे हैं। बड़े-बड़े प्लांट लगाए जा रहे हैं।