Tuesday, September 28, 2021
Homeमध्य प्रदेशसहायक यंत्री ने टेबल से बनाया पिंजड़ानुमा केबिन

सहायक यंत्री ने टेबल से बनाया पिंजड़ानुमा केबिन

कोरोना संक्रमण का डर लोगों में अभी भी बरकरार है। यह बात अलग है कि कुछ लोग लापरवाही करने लगे हैं। लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जो संक्रमण को लेकर काफी सतर्क हैं। कोरोना से सतर्कता का ऐसा ही एक ताजा मामला दमोह से आया है। जहां बटियागढ़ जनपद के सहायक यंत्री एम.के.एस तोमर ने कोरोना वायरस की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए खुद के लिए टेबल से एक केबिन बना लिया है। तोमर का कहना है कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में अनेक परिवारों ने अपनों को खोया है। डब्ल्यूएचओ और कई विशेषज्ञों ने तीसरी लहर की चिंता भी व्यक्त की है। इस वजह से उन्होनें अपने ऑफिस में टेबल को केबिन का रूप दिया है। उनका कहना है कि इस तरह से वह स्वयं को भी सुरक्षित रखने के साथ-साथ ऑफिस में आने वाले लोगों का भी बचाव कर रहे हैं।

नियमों का पालन

तोमर ऑफिस में आने-जाने वालों लोगों से सबसे पहले मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की बात करते हैं। उसके बाद ही ऑफिस के काम की बात होती है। तोमर ने बताया कि कोरोना से बचना है तो सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऑफिस में उतना बजट नहीं है कि वह आधुनिक केबिन बना सकें. इसलिए उन्होनें जुगाड़ से टेबल को ही केबिन बना दिया है। जिससे खुले वातावरण में सभी से बात के साथ-साथ संक्रमण से बचाव भी होता रहता है।

हर समय लगा के रखते हैं मास्क

कोरोना की पहली और दूसरी लहर के समय तोमर ने केबिन तो नहीं बनवाया था। लेकिन वो हर समय मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूर करते थे। इस समय जहां लोग लापरवाही बरत रहें हैं, लेकिन वो आज भी मास्क आदि कोरोना गाइडलाइंस का पालन करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना की तीसरी लहर, पहली और दूसरी से ज्यादा घातक होने वाली है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंनें तीसरी लहर आने से पहले ही अपनी और ऑफिस में आने-जाने वाले लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए टेब्लों से ही एक केबिन बनवा लिया है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments