Saturday, September 18, 2021
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शरीफगढ़ का बेईमान बाबा : डेरा वडभाग सिंह में बेईमान बाबा ने नकली कंकालों और खिलौनों से बनाया था तिलिस्म

कुरुक्षेत्र। बेइमान बाबा राजेश कैंडी ने पिछले दस सालों में शरीफगढ़ में अपना डेरा वडभाग सिंह के नाम पर अपना साम्राज्य खड़ा कर लिया था। इस डेरे में सत्संग भवन भी बनाया। अंदर सजावट के बहाने डरावने और अजीबो गरीब खिलौनों और नकली कंकालों से अपना तिलिस्मी माहौल भी बनाया था। अब डेरा सुनसान है। कभी यहां रखवाली के लिए बाडीगार्ड्स की फौज होती थी। अब कोई इस डेरे के पास फटकते हुए भी डरता है। शरीफगढ़ के लोग पहले ही इस डेरे से दूरी बना कर रखते थे।

तीन हॉल-किसी में सत्संग-किसी में चौकी

  1. शरीफगढ़ में जीटी रोड के ठीक किनारे डेरा बाबा वडभाग सिंह बनाया है। आधा एकड़ से ज्यादा जगह पूरी तरह से कवर्ड है। इसमें तीन बड़े हाल हैं। इनमें एक सत्संग भवन है। जबकि एक वेटिंग रूम और एक में संभवत वह चौकी लगाता था। इन हॉल के अलावा लंगर हाल भी है। वहीं अंदर कई केबिन बने हैं। कुछ बिल्डिंग टीन शेड तो कुछ को कंक्रीट से तैयार किया है।
  2. अंदर का माहौल अध्यात्म के साथ डर के कारोबार वाला

    डेरे के अंदर का माहौल पूरी तरह अध्यात्म के साथ डर के कारोबार वाला है। राजेश कैंडी के केबिन में चौकी भवन से होकर ही प्रवेश किया जा सकता था। वहां भी बीच में हॉल बनाया है। इसमें बीचोंबीच मां सरस्वती की प्रतिमा रखी है। जबकि इसके चारों तरह अजीबो गरीब खिलौने रखे हैं। कुछ नकली कुत्ते रखे हैं। वहीं इनके साथ ही प्लास्टिक के बने नरकंकाल टांगे हुए हैं, जिन्हें पहली नजर में लोग असली ही समझते हैं।

  3. हाल के साथ के कमरे में है पीर की मजार

    वहीं राजेश के केबिन को जाने वाले हाल के साथ ही एक कमरे में पीर बाबा की मजार है। जानकारों का कहना है कि यही वह पीर की मजार है, जिसकी देखभाल व पूजा के बहाने कैंडी ने संतोख सिंह से धीरे धीरे जगह हासिल कर ली।

  4. अब लोगों ने लगा दिए हैं अपने भी ताले

    पिछले करीब डेढ़ साल से लोग कैंडी से अपना पैसा वापस मांग रहे थे। पिछले साल दिसंबर में पैसा लेने वालों ने डेरे पर पहुंच हंगामा भी किया था। उस समय हुई तोड़फोड़ के कुछ निशान आज भी हैं। बताया जाता है कि पैसा देने की एवज में कैंडी ने कई लोगों के नाम डेरा कर दिया। बाद में जिनके नाम डेरा किया, वे भी आपस में उलझे। इनमें से कुछ ने यहां अपने ताले भी लगाए। आज भी दो भवनों पर चैन के साथ ताले लगे हैं।

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