Monday, September 27, 2021
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गुजरात बजट : सरकार मध्यम वर्ग को हर साल 12 किलो तुअर दाल देगी; गाय पालने वाले परिवार को 10,800 रुपए की मदद मिलेगी

  • तुअर दाल देने की योजना से प्रदेश के 66 लाख लोग लाभांवित होंगे
  • बजट के तहत गांव और गोदाम के लिए विशेष सहायता दी जाएगी
  • विधानसभा में सत्र के पहले दिन वित्त मंत्री नितिन पटेल ने बजट पेश किया

गांधीनगर. विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन बुधवार दोपहर वित्त मंत्री नितिन पटेल ने 2020-21 का बजट पेश किया। इसमें मध्यम वर्ग को खुश करने के लिए हर साल 12 किलो तुअर दाल देने का व्यवस्था की गई। सरकार के मुताबिक, इस योजना से 66 लाख लोग लाभांवित होंगे। इसके अलावा, गायों को पालने के लिए प्रति गाय 10 हजार 800 रुपए दिए जाएंगे। किसानों को खुश करने के लिए कृषक कल्याण और सहकारिता के लिए 7423 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं।

वजुभाई वाला के बाद नितिन पटेल ने सबसे अधिक बार बजट पेश किया
गुजरात विधानसभा में अभी तक सबसे अधिक 18 बार बजट पेश करने का रिकॉर्ड पूर्व वित्त मंत्री वजुभाई वाला के नाम पर है। जबकि दूसरे नम्बर पर 7 बार बजट पेश करने वाले नितिन भाई पटेल हैं। उन्होंने 8वीं बार बजट पेश कर रिकॉर्ड बनाया है।

बजट के हाइलाइट्स

  • निराश्रित वृद्ध पेंशन योजना के तहत अब 75 साल से अधिक वृद्धों को 750 रुपए के बदले 1000 रुपए की सहायता दी जाएगी।
  • वृद्धाश्रमों के रखरखाव के लिए मासिक 1500 से बढ़ाकर 2160 रुपए की जाएगी।
  • क्लाइमेट चेंज के लिए 1019 करोड़ का प्रावधान।
  • महिला बाल विकास के लिए 3150 करोड़ रुपए का प्रावधान।
  • उद्योग एवं खनन के लिए 7017 करोड़।
  • कृषि कल्याण और सहकारिता के लिए 7423 करोड़।
  • जल आपूर्ति के 4317 करोड़ रुपए।
  • कुटीर ग्राम उद्योग के लिए 411 करोड़ का प्रावधान।
  • ऊर्जा और पेट्रो केमिकल्स के लिए 13917 करोड़ रुपए।
  • बंदरगाह परिवहन के लिए 1397 करोड़।
  • कृषि, किसानों, और सहकारिता के लिए 7423 करोड़ का प्रावधान।
  • मानव कल्याण योजना के छोटे और कमजोर वर्गों के लिए 48 करोड़।
  • वाजपेयी बैंक योग्य योजना के लिए 411 करोड़।
  • पर्यटन के लिए 480 करोड़ का प्रावधान।
  • मान्यता प्राप्त पत्रकारों को प्राकृतिक मृत्यु के मामले में, 50 हजार रुपये के बजाय 1 लाख रुपये का बीमा।
  • जल संसाधन विभाग के लिए 7220 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • शिक्षा विभाग के लिए 31955 करोड़ का प्रावधान।
  • स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के लिए 11243 करोड़ का प्रावधान।
  • सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग के लिए 4321 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • आदिम जाति विकास विभाग के लिए 2675 करोड़ का प्रावधान।
  • स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के लिए 387 करोड़ का प्रावधान।
  • किसान अपने खेतों में बिना एनए के गोदाम बना सकेंगे।
  • गायों पर आधारित प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 900 रुपए महीने और साल के 10500 रुपए देने की घोषणा।
  • शहरी विकास और शहरी आवास विभाग के लिए 13 440 करोड़ का प्रावधान।
  • श्रम और रोजगार विभाग के लिए 1461 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • द्वारका का 962 करोड़ में होगा विकास।
  • सड़क निर्माण विभाग के लिए 10200 करोड़।
  • एक दिन में सोमनाथ और द्वारका के दर्शन के लिए विमान सेवा पर 1 करोड़।
  • बंदरगाहों और परिवहन विभाग के लिए 1397 करोड़ का प्रावधान।
  • ऊर्जा और पेट्रो रसायन विभाग के लिए 13917 करोड़ का प्रावधान।
  • किसानों को बिजली की आपूर्ति प्राप्त करने के लिए 7,385 करोड़ रुपये की सब्सिडी।
  • पोरबंदर, मुंद्रा, भावनगर, और जामनगर और वाटर ड्रोम को कावडिया साबरमती और श्रीतुंजय से जोड़ने के लिए 45 करोड़ रुपये।
  • राजपीपला, अमरेली, केशोद, मेहसाणा एयरपोर्ट विकास के लिए 25 करोड़।
  • राज्य के 500 स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान।
  • वन पर्यावरण विभाग के लिए 1781 करोड़ का प्रावधान।
  • वन संरक्षण के लिए 281 करोड़ रुपए का प्रावधान।
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