Wednesday, September 22, 2021
Homeछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़ : धान खरीदी के मुद्दे पर सदन में हंगामा; नारेबाजी...

छत्तीसगढ़ : धान खरीदी के मुद्दे पर सदन में हंगामा; नारेबाजी करते हुए विपक्ष ने लहराई तख्तियां, गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को हंगामा जारी है। धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार विपक्ष के निशाने पर है। काले कपड़े पहनकर सदन पहुंचे विपक्षी सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। विपक्ष के सदस्य हंगामा करते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए और नारेबाजी करते हुए तख्तियां लहराने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने निलंबित सदस्यों को बाहर जाने के लिए कहा, लेकिन वे नारेबाजी ही करते रहे। इस पर सदन स्थगित कर दिया गया। इसके बाद विपक्षी विधायक गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठ गए।

धान खरीदी मुद्दे को लेकर गांधी प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे विपक्ष के विधायक।

इससे पहले भाजपा और संयुक्त विपक्ष के सदस्यों ने धान खरीदी को फिर से शुरू करने की मांग की। विपक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा ​कि 1 लाख 34 हजार 212 किसानों का धान अभी भी खरीदा नहीं गया है। उन किसानों का धान सरकार को खरीदना चाहिए। भाजपा ने इस मामले में मुख्यमंत्री से बचे किसानों का धान खरीदने की घोषणा करने की मांग की।  भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि सरकार बने एक साल ही हुआ है और किसान आत्महत्या की अनुमति मांग रहे हैं, इससे ज्यादा शर्म की बात किसी सरकार के लिए क्या हो सकती है।

भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल और नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि धान खरीदी को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों को सरकार के मंत्री शिव डहरिया दलाल कह रहे हैं। ये असंसदीय है, मंत्री को माफी मांगनी चाहिए। जेसीसी विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सरकार कोचिया कह रही है। उनके धान की जप्ती बनाई जा रही है। किसान सड़कों पर लेटने को मजबूर हो रहे हैं।

विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के विधायक काले कपड़े पहनकर पहुंचे।

विपक्ष की मांग पर सदन में जवाब देते हुए कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि सरकार ने किसानों को 83 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। अगर आपको किसानों की इतनी चिंता है, तो आप मुख्यमंत्री से क्यों नहीं मिले?  इतना सुनते ही विपक्षी सदस्य फिर से शोर शराबा करने लगे। हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि स्पीकर स्थगन की सूचना पढ़ रहे हैं, लेकिन ये सुनना ही नहीं चाहते। दरअसल विपक्ष ही चर्चा से भागना चाहता है। हम चाहते है किसानों के इस मामले पर सदन में चर्चा हो लेकिन विपक्ष खुद पलायन करता दिख रहा है।

अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नाम बदला गया

दूसरे दिन बजट सत्र की शुरुआत सरगुजा के पूर्व राजपरिवार की राजमाता और अविभाजित मध्य प्रदेश में कैबिनेट मंत्री रहीं देवेंद्र कुमारी सिंहदेव को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इस दौरान सदन में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज का नाम बदलकर देवेंद्र कुमारी मेडिकल कॉलेज करने की घोषणा की गई। इसके बाद सदन में किसानों के साथ ही बिजली बिल का मुद्दा भी विपक्ष ने उठाया। विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि प्रदेश में 770 करोड़ से ज्यादा का बिजली बिल अभी बकाया है। 17 उपभोक्ताओं का प्रकरण कोर्ट में लंबित है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments