Friday, September 24, 2021
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भीड़ ने जय श्रीराम के नारे लगाकर की थी तोड़फोड़ और पिटाई, महिला समेत पांच आरोपियों को भेजा जेल

बिसरख कोतवाली क्षेत्र में गाजियाबाद से मृत मवेशियों को दफनाने के लिए छिजारसी जा रहे वाहन में भीड़ ने जय श्रीराम के नारे लगाते हुए तोड़फोड़ की थी। आरोप है कि भीड़ ने वाहन चालक की पिटाई की और पुलिस से भी अभद्रता की थी। वाहन चालक पान लेने लिए रुका था तभी भीड़ एकत्रित हो गई। पुलिस ने मामले में महिला वर्णिका चौधरी (एक पशु सुरक्षा संगठन से जुड़ी) समेत पांच लोगों को नामजद कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और लगभग 40 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

ईटेड़ा गोलचक्कर के पास शुक्रवार रात करीब नौ बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि भीड़ मृत मवेशियों को लेकर जा रहे एक वाहन को रोककर हंगामा कर रही है। आरोपियों ने वाहन को पलट दिया, जिससे जाम लग गया है। सूचना पर पुलिस पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में भीड़ जय श्रीराम के नारे लगाते हुए वाहन में तोड़फोड़ करने लगी। अतिरिक्त पुलिस बल की मांग पर ईकोटेक-3 थाना पुलिस भी पहुंची। लोगों को रोकने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता की। इस दौरान भीड़ ने वाहन चालक मवाना (मेरठ) निवासी आसिफ की पिटाई कर दी। आरोप है कि भीड़ का नेतृत्व सेक्टर-34 निवासी वर्णिका चौधरी कर रही थी। उनके साथ इटैड़ा निवासी रविंद्र, प्रवीण और भूपेंद्र और गाजियाबाद निवासी पवन व करीब 40 अज्ञात लोग मौजूद थे।

पुलिस को देखते ही मदद मांगने लगे बच्चे
हंगामे की वजह से काफी वाहन जाम में फंस गए। इस दौरान गाड़ियों में मौजूद महिलाएं और बच्चे भयभीत हो गए थे। जब पुलिस पहुंची तो वे मदद मांगने लगे। इस पर पुलिस ने उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया।

दस्तावेज दिखने के बाद बदल गया पूरा मामला
कोतवाली प्रभारी मनोज पाठक ने बताया कि आरोपियों ने गोवंश की हत्या की अफवाह फैलाकर लोगों को जमा कर लिया था। भड़के लोग हंगामा कर रहे थे। इसी दौरान मवेशियों के वाहन को जाम खोलने के लिए हटाने का प्रयास किया गया, तभी उसमें दस्तावेज मिले। जिससे पता चला कि मवेशियों को  दफनाने के लिए छिजारसी लेकर जाया जा रहा है। मवेशियों के स्वामी से भी बात की गई, तब सच्चाई सामने आई। हंगामे की सूचना पर एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भी पहुंचे लेकिन दस्तावेज देखने के बाद उन्होंने हस्तक्षेप नहीं किया।

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