Sunday, September 26, 2021
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पैर ठंडे पड़ने या सुन्न होने के ये हो सकते हैं कारण, जरूरी हैं सावधानियां

सर्दी के मौसम में पैरों की ठंड कुछ ज्यादा ही परेशान करती है। वैसे पैरों में ठंड के लिए तापमान की गिरावट ही एक मात्र कारण नहीं होता। यह हेल्थ और लाइफ स्टाइल से जुड़ी अहम बातों की ओर इशारा करता है। इन संकेतों को समझकर परेशानी से बचा जा सकता है।

इसलिए हाथ और पैरों में ज्यादा लगती है ठंड
जब शरीर ठंडे क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो हाथ और पैर जैसे शरीर के बाहरी हिस्सों में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। इससे इन क्षेत्रों में रक्त का प्रवाह कम हो जाता है, जिससे शरीर की गर्मी कम हो जाती है। हाथ-पैर में रक्त प्रवाह जरूर कम हो जाता है, लेकिन इससे शरीर के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में रक्त प्रवाह और गर्मी बनाए रखने में मदद मिलती है। कम रक्त प्रवाह के कारण ऊतकों में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। यूं तो यह स्थिति गंभीर नहीं होती और शरीर फिर से सामान्य हो जाता है, लेकिन लंबे समय तक ऐसा ही रहे तो घातक हो सकता है। कुल मिलाकर रक्त प्रवाह घटने से हाथ और पैर की अंगुलियों में ठंड या सुन्न महसूस होता है।

तनाव में ठंडे पड़ जाते हैं पैर
अत्यधिक तनाव या चिंता के कारण भी पैर ठंडे हो सकते हैं। तनाव या घबराहट में शरीर प्राकृतिक रूप से ब्लड में एड्रेनालाईन नामक केमिकल को भेजता है। जैसे-जैसे एड्रेनालाईन शरीर में बढ़ता है, रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने लगती हैं। परिणामस्वरूप शरीर के बाहरी हिस्सों जैसे हाथ और पैर में रक्त प्रवाह कम हो जाता है। इस प्रकिया में शरीर ऊर्जा को बचाता है और उच्च-तनाव की स्थिति के कारण होने वाली किसी भी हानि के लिए खुद को तैयार करता है। तनाव कम करने से इस स्थिति में मदद मिल सकती है।

रक्त प्रवाह में बाधा
पैरों के ठंडा पड़ने या सुन्न होने का सबसे बड़ा कारण होता है रक्त प्रवाह में बाधा। खराब ब्लड सर्कुलेशन (खून का बहाव) वाले लोग अक्सर अपने हाथ पैरों को गर्म रखने के लिए संघर्ष करते रहते हैं।
खराब ब्लड सर्कुलेशन के कई कारण हो सकते हैं। जैसे व्यायाम न करना या दिनभर एक ही स्थान पर बैठकर काम करना।
 
धूम्रपान के कारण भी ब्लड को शरीर के प्रत्येक हिस्से तक पहुंचने में बाधा पैदा होती है। इसके अलावा हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण धमनियां सिकुड़ जाती हैं और रक्त प्रवाह बाधित होता है। हार्ट संबंधी बीमारियों में पैर सुन्न पड़ते हैं। यदि ऐसा लगातार होता है तो तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए। 

एनीमिया और डायबिटीज
एनीमिया में व्यक्ति के शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की कमी हो जाती है। ऐसा कई कारणों से हो सकता है, जैसे- आयरन या विटामिन बी 12 की कमी या क्रोनिक किडनी रोग। एनीमिया के गंभीर मामलों में भी मरीज ठंडे पैरों की शिकायत करता है।
डायबिटीज के मरीज भी ठंडे पैरों की शिकायत करते हैं।

घरेलू इलाज ही काफी हैं
नियमित व्यायाम करें, खासतौर पर पैरों से जुड़े व्यायाम। लगातार एक स्थान पर न बैठें। बीच-बीच में उठते रहें।
सर्दियों में घर में भी मोजे और चप्पल पहनकर रहें।
पैरों को गर्म पानी से धोएं।
हिटिंग पेड या गर्म पानी की बोतल का प्रयोग करें।

डॉक्टर को कब दिखाएं
थकान
वजन में कमी या अचानक वजन बढ़ना
बुखार
जोड़ों का दर्द
पैर की उंगलियों में घाव जो ठीक होने में लंबा समय लेते हैं।
त्वचा में बदलाव जैसे चकत्ते
यदि पैरों में अंदर से ठंडक महसूस होती है, लेकिन ऊपरी त्वचा छूने में ठंडी नहीं लगती है, तो डॉक्टर को तुरंत दिखाना चाहिए। यह न्यूरोलॉजिकल स्थितियों का संकेत हो सकता है।

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