Friday, September 24, 2021
Homeदिल्लीदिल्ली : चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा- ‘केस से पहले अनिवार्य...

दिल्ली : चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा- ‘केस से पहले अनिवार्य मध्यस्थता’ कानून का यह सही समय

नई दिल्ली | चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने कहा कि एक ऐसा व्यापक कानून बनाने के लिए यह उपयुक्त समय है, जिसमें ‘मुकदमे से पहले अनिवार्य मध्यस्थता’ शामिल हो। उन्होंने कहा कि इससे न्यायालय में किसी मामले को निपटाने में कम समय लगेगा। साथ ही इस कानून से कार्यक्षमता भी सुनिश्चित होगी।

सीजेआई जस्टिस बोबडे शनिवार को ‘वैश्वीकरण के युग में मध्यस्थता’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के तीसरे संस्करण में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत में संस्थागत मध्यस्थता के विकास के लिए एक मजबूत ‘आरबिट्रेशन (मध्यस्थता) बार’ जरूरी है, क्योंकि यह ज्ञान और अनुभव वाले पेशेवरों की उपलब्धता और पहुंच सुनिश्चित करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यस्थता का मतलब समान रूप से मुकदमेबाजी नहीं है।

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में भारत की भूमिका का जिक्र करते हुए जस्टिस बोबडे ने कहा, ‘हाल के समय में, वैश्वीकरण के चलते भारत से जुड़े सीमा-पार लेन-देन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे सीमापार मध्यस्थता की मांग भी बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप बढ़ते मामलों की जटिलता से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय परंपराओं की स्थापना हुई है।’

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments