बीपीसीएल में सरकार की हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए  बोली लगाने वाली दो अन्य कंपनियों में ग्लोबल फंड्स हैं। इनमें एक है अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट। पेट्रोलियम मंत्री ने बुधवार को स्वराज्य पत्रिका द्वारा ‘आत्मनिर्भर भारत का मार्ग’ विषय पर आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए कहा, ‘दीपम ने हाल ही में बाजार को यह सूचना दी है। मुझे लगता है कि तीन पक्षों ने बोली प्रक्रिया के लिए ईओआई दिया है।’ हालांकि, उन्होंने इसका और ब्योरा नहीं दिया।

यहां बता दें कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेज में सूचीबद्ध वेदांता लि. और उसकी लंदन की मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज द्वारा गठित विशेष इकाई (SPV) ने 16 नवंबर को बोली की समयसीमा समाप्त होने से पहले अपना ईओआई जमा कराया है।

इस रणनीतिक बिक्री का प्रबंधन कर रहे निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव तुहिन कांता पांडेय ने बोली की आखिरी तारीख 16 नवंबर को एक ट्वीट कर कहा, ‘सौदे के सलाहकार ने सूचित किया है कि इस रणनीतिक बिक्री के लिए कई पक्षों ने रुचि दिखाई है।’ प्रधान ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कुछ कंपनियों का निजीकरण करने की योजना बना रही है। इससे इन कंपनियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता बेहतर होगी और उन्हें पेशेवर बनाया जा सकेगा।