Sunday, September 26, 2021
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ऑक्सीजन रुकने से तीन मौतों का मामला:RUHS में 3 मौतों के जिम्मेदारों ने 6 घंटे में ही खुद को दे दी क्लीनचिट

प्रदेश के सबसे बड़े कोविड अस्पताल आरयूएचएस में ऑक्सीजन रुकने से 2 मिनट के अंदर तीन मौतों के मामले में शनिवार को गर्मा गया। सरकार की ओर से बनाई गई 5 सदस्यीय जांच कमेटी ने 6 घंटे के अंदर ही खुद को क्लीनचिट दे दी। जांच कमेटी ने कहा कि अस्पताल में मरीजों की मौत ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से नहीं हुई, बल्कि मरीजों की हालत पहले से गंभीर थी।

डॉ. अजीत सिंह।

हैरत की बात है कि सरकार की इस जांच कमेटी में वही डॉक्टर थे, जिन पर इस अस्पताल में मौतें रोकने का जिम्मा है। सुबह 11 बजे सरकार ने आरयूएचएस के कोविड इंचार्ज डॉ. अजीत सिंह, एसएमएस में सीनियर निश्चेतन रोग विशेषज्ञ डॉ. पीएस लांबा, सीनियर ईएनटी प्रोफेसर डॉ. पवन सिंघल, मेडिकल ऑफिसर डाॅ. हेमेन्द्र भारद्वाज की जांच कमेटी बनाई।

जबकि आरयूएचएस में पूरी व्यवस्थाएं खुद डॉ. अजीत सिंह देख रहे हैं। शाम 5 बजे कमेटी ने खुद को क्लीनचिट दे दी। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो लोग मौतों के लिए जिम्मेदार हैं, वे खुद ही जांच कर खुद को ही क्लीन चिट कैसे दे सकते हैं? होना तो यह चाहिए था कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करती और व्यवस्थाएं दुरुस्त करती। लेकिन सरकार हकीकत पर ही कफन डालकर उन्हें बचाने में जुटी है।

जांच कमेटी के डॉ. अजीत ने पहले कहा था- प्रेशर कम हुआ था, कभी-कभी ऐसा होता है

जांच कमेटी में शामिल आरयूएचएस के कोविड इंचार्ज डॉ. अजीत सिंह ने शुक्रवार को भास्कर से कहा था कि ऑक्सीजन प्रेशर कम हुआ था, और कभी-कभी ऐसा हो जाता है। लेकिन अब जांच कमेटी ने कहा है कि सिर्फ एक मरीज का परिजन सेचुरेशन देखकर घबरा गया और शोर मचाना शुरू कर दिया। भास्कर को स्टाफ ने बताया कि इमरजेंसी में तो दो से तीन जनों को एक ही पाइंट से ऑक्सीजन देनी पड़ रही है।

ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर बोले- जब मैंने चेक किया, तब प्रेशर कम था
घटना के समय मौके पर मौजूद एक डॉक्टर ने भास्कर को नाम ने छापने की शर्त पर बताया कि मुझे कॉल आया कि आईसीयू में गड़बड़ी हुई है। मैं गया तो प्रेशर काफी कम था और मरीजों के ऑक्सीजन सिलेंडर लगाए जा रहे थे। एक मरीज की मौत हो चुकी थी, और उसके परिजन विरोध कर रहे थे। इसमें कोई अतिश्योक्ति नहीं कि मरीज गंभीर थे, पर यह बिलकुल वैसा ही था कि चोटी पर खड़े व्यक्ति को एक ऊंगली से गिरा दें।ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होते ही उनकी जान चली गई।

मानवाधिकार आयोग ने भी 3 दिन में मांगी रिपोर्ट
राज्य मानवाधिकार आयोग ने आरयूएचएस में तीन मरीजों की मौत के मामले में प्रमुख चिकित्सा सचिव व आरयूएचएस को कहा है कि भविष्य में ऐसी घटना नहीं होना सुनिश्चित करें। साथ ही मामले में तीन दिन में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

भास्कर सवाल : सही होता कि निष्पक्ष जांच होती, दोषियों पर कार्रवाई होती; हकीकत पर कफन क्यों डाल रही सरकार?

1 दाेपहर 1:14 बजे ऑक्सीजन प्रेशर गिरा, उसी समय तीनों रोगियों की मौत कैसे हुई? 2 जांच कमेटी में आरयूएचएस के कोविड इंचार्ज व एसएमएस के डॉक्टर हैं। जो इसके जिम्मेदार हैं, वे निष्पक्ष जांच कैसे करेंगे? 3 प्रेशर सामान्य था तो ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर स्टाफ आईसीयू की तरफ क्यों भागा?

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