Friday, September 24, 2021
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छत्तीसगढ़ : आदिवासी नृत्य महोत्सव 27 दिसंबर से रायपुर में, राहुल गांधी करेंगे उद्घाटन, प्रियंका गांधी होंगी विशिष्ट अतिथि

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर शुक्रवार से आदिवासी कला के रंग अौर नृत्यों का सशक्त हस्ताक्षर बनने वाली है। राजधानी में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आगाज हो रहा है। इस दौरान साइंस कॉलेज मैदान में आदिवासी थाप पर पूरा देश थिरकेगा। इस महोत्सव में 6 देशों सहित 25 राज्यों के आदिवासी कलाकार एक मंच पर अपनी संस्कृति को जीवंत करेंगे। महोत्सव का उद्घाटन कांग्रेस नेता और सांसद राहुल गांधी करेंगे। जबकि अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर प्रियंका गांधी सहित अन्य नेता मौजूद हाेंगे।

27 दिसंबर से 29 दिसंबर तक होने वाले इस आयोजन को लेकर चार हजार दर्शकों की क्षमता वाला विशाल डोम तैयार किया गया है। इसमें दर्शकों के बैठने के साथ ही ग्रीन रूम, फूड जोन और शिल्म ग्राम भी सजेगा। महोत्सव में भारतीय राज्यों के अलावा बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, यूगांडा, बेलारूस और मालदीव के कलाकार भी शामिल हो रहे हैं। महोत्सव में चार वर्गों में होनेे वाली प्रतियोगिताओं में प्रत्येक वर्ग में प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार तो होंगे ही साथ ही कई सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।

  • 27 दिसंबर : असम का बागरूंगा नृत्य, तेलंगाना का कोया, झारखंड का छाऊ, ओडिशा का सिंगारी, गुजरात का सिद्दी, राजस्थान का सहरिया स्वांग, जम्मू का गुजर, हिमाचल प्रदेश का घुरई, लद्दाख का लद्दाखी, उत्तराखंड का झांझी, केरल का तैयम, महाराष्ट्र का तड़पा, तेलंगाना का गुसाड़ी, मध्यप्रदेश का भगोरिया, अरूणाचल प्रदेश का रेह, आंध्रप्रदेश का लंबाड़ी और उत्तरप्रदेश का गरद नृत्य का कलाकार प्रस्तुति देंगे। इसके बाद थाईलैंड, बांग्लादेश, बेलारूस, मालदीव और युगांडा के कलाकारों द्वारा अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
  • 28 दिसंबर : गुजरात का वसावा नृत्य, आंध्रप्रदेश का ढिमसा, त्रिपुरा का ममिता, झारखंड का पायका, तमिलनाडु का टोडा, आरूणाचल प्रदेश का आदि, राजस्थान का गवरी, कोंडगांव का हुल्की सहित असम और मध्यप्रदेश राज्य का नृत्य प्रस्तुत किया जाएगा। गुजरात का राठवा नृत्य, हिमाचल प्रदेश का किन्नौरा, पश्चिम बंगाल का संथाली, ओडिशा का दुरवा, बिहार का करमा, अंडमान निकोबार का निकोबारी, तेलंगाना का माथुरी, त्रिपुरा का होजागिरी, उत्तराखंड का हारूल, मणिपुर का थांगकुल, छत्तीसगढ़ का दंडामि माड़िया, बंाग्लादेश, युगांडा, बेलारूस, श्रीलंका, थाईलैंड, मालदीव के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।
  • 29 दिसंबर : उत्तराखंड का लाष्पा, जम्मू का बकरवाल, मध्यप्रदेश का भड़म, हिमाचल प्रदेश का गद्दी, कर्नाटक और सिक्किम का नृत्य, झारखंड का दमकच, दंतेवाड़ा का दंडामी, तेलंगाना, लद्दाख का नृत्य, उत्तरखंड का मुखौटा, गुजरात, सिक्किम का नृत्य, केरल का मरायूराट्टम, त्रिपुरा का संगराई,  मध्यप्रदेश का करमा, कोंडगांव का गौर मार नृत्य होगा। इसके साथ ही श्रीलंका, थाईलैड, मालदीव, बांग्लादेश, युगांडा और बेलारूस के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

जीई रोड पर 3 दिन भारी वाहन बैन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
आदिवासी महोत्सव के दौरान तीन दिन जीई रोड का ट्रैफिक प्रभावित रहेगा। अनुपम गार्डन से मोहबाबाजार के बीच भारी वाहन पूरी तरह से बैन रहेंगे। कारों और छोटी गाड़ियों वाले ही सड़क का उपयोग कर सकेंगे। महोत्सव की सुरक्षा में दो हजार जवान तैनात रहेंगे। महोत्सव के लिए 12 से ज्यादा आईपीएस, 20 एडिशनल एसपी, 50 डीएसपी और 125 इंस्पेक्टर रैंक के अफसरों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा सुरक्षा के लिए अलग-अलग जिलों से 1500 जवानों को बुलाया गया है।

पुलिस ने चलाया चेकिंग अभियान, उपराष्ट्रपति भी शहर में

राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव और उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडु के रायपुर दौरे के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने गुरुवार को पूरे शहर में चेकिंग अभियान चलाया। भीड़भाड़ वाले इलाकों, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर डॉग स्क्वाड के साथ सघन चेकिंग की जा रही है।

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