Thursday, September 23, 2021
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पति को जले से बाहर निकालने का झांसा देकर पत्नी से दो सौ करोड़ ठगे, जेल के दो अधिकारी समेत 5 अरेस्ट

जेल के भीतर बैठे एक शख्स ने कारोबारी की पत्नी से दो सौ करोड़ रुपये ठग लिए। इस मामले में जालसाज के दोस्त ही नहीं बल्कि जेल के अधिकारियों की भी मिलीभगत सामने आई। बेहद शातिर इस जालसाज का नाम सुकेश चंद्रशेखर है। पुलिस ने इसके पास से दो स्मार्ट फोन बरामद किए हैं। इस मामले को लेकर आर्थिक अपराध शाखा जांच कर रही है। आर्थिक अपराध शाखा ने रैनबैक्सी, फोर्टिस और रेलीगेयर एंटरप्राइजेज के पूर्व प्रमोटर शिवेंद्र सिंह और उसके भाई मालविंदर मोहन सिंह को धोखाधड़ी के मामले में अक्टूबर 2019 में गिरफ्तार किया था।

बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने भी उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी। सूत्रों के मुताबिक शिवेंद्र की पत्नी अदिति सिंह को कुछ महीने में गृह मंत्रालय एवं प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बनकर एक शख्स की तरफ से कई कॉल आई। उसने अदिति सिंह के पति को जेल से बाहर निकलवाने का झांसा दिया। इस काम के बदले उनसे 200 करोड़ रुपये भी वसूल लिए गए। बाद में शक होने पर अदिति ने प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी से शिकायत की।

इस शिकायत को लेकर पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को जानकारी दी गई। जांच स्पेशल सेल को सौंपी गई। तफ्तीश आगे बढ़ी तो पता चला ठगी की कॉल रोहिणी जेल से आई हैं। इसके बाद पुलिस ने जेल से ठग सुकेश चंद्रशेखर के पास से मोबाइल बरामद कर लिए। इससे पूछताछ के आधार पर दो भाइयों को भी गिरफ्तार किया गया। वे ठगी की साजिश का हिस्सा थे। बाद में इस केस की जांच आर्थिक अपराध शाखा को मिल गई। अब एसआईटी की एक टीम छानबीन कर रही है।

सुकेश ने पूछताछ में खुलासा किया कुछ जेल अधिकारियों को उसने काफी पैसे दिए हैं। पुलिस ने एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट और एक असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट से पूछताछ की और फिर मंगलवार को उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सुकेश तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के देहांत के बाद जब पार्टी के निशान को लेकर विवाद हुआ तो सुर्खियों में आया था। उसने 50 करोड़ रुपये में चुनाव आयोग से पार्टी का निशान दिलाने की बात कही थी।

उसे दिल्ली के एक पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया गया था। जेल से उसने सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर तीस हजारी कोर्ट की जज को काल कर दिया था। उसने सुकेश को जमानत देने की सिफारिश की थी, लेकिन उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। इस केस के मद्देनजर रोहिणी जेल के छह अधिकारियों को सस्पेंड भी किया जा चुका है

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