Tuesday, September 28, 2021
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इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर की अनोखी पहल

देशभर में आज राखी का पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है। बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर रक्षा का सूत्र बांध रही हैं। इस बीच प्रयागराज में पर्यावरण की चिंता करने वाले ‘हरियाली गुरू’ के नाम से प्रसिद्ध इलाहाबाद विश्वविद्यालय और उनकी टीम अनोखे अंदाज में रक्षाबंधन का त्यौहार मना रहा है। हरियाली गुरु ने यूनिवर्सिटी कैंपस में पेड़ पौधों का टीका कर उनको राखियां बांधीं और इन पेड़ों की हमेशा रक्षा का संकल्प लिया|

प्रो. एनबी सिंह का कहना है कि जब हम पेड़ों की रक्षा करेंगे तो पेड़ हम सबकी रक्षा करेंगे। हमें जीने के लिए प्राणवायु देंगे और ऐसे समय में जब कोरोना का कहर है। ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं तो पेड़ों का महत्व और बढ़ जाता है। उनकी रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है।

रक्षा बंधन के अवसर पर पेड़-पौधों को राखियां बांधकर ताउम्र उनकी हिफाजत करने का संकल्प लेते प्रो. एनबी सिंह व उनके अनुयायी छात्र-छात्राएं।
रक्षा बंधन के अवसर पर पेड़-पौधों को राखियां बांधकर ताउम्र उनकी हिफाजत करने का संकल्प लेते प्रो. एनबी सिंह व उनके अनुयायी छात्र-छात्राएं।

पेड़-पौधों से है त्यौहार और खुशियां

प्रो. एनबी सिंह को हरियाली गुरु के नाम से जाना जाता है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एनबी सिंह की अगुआई में ये ग्रीन रक्षाबंधन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। लोगों ने पहले अपने आसपास के पौधों की खर-पतवार से सफाई की और फिर उनकी आरती करने के बाद उनका टीका लगाया। रक्षा का धागा बांधकर हिफाजत का वचन भी दिया। इस मौके पर हरियाली गुरु प्रोफेसर एनबी सिंह ने कहा कि पेड़ पौधे हैं तो पर्यावरण है। पर्यावरण है तो हम हैं। हम हैं तो हमारे त्यौहार भी हैं। प्रयागराज में भाई-बहन के त्यौहार रक्षाबंधन पर पर्यावरण की चिंता करने वाले पर्यावरण प्रेमियों ने पेड़-पौधों को राखियां बांधकर ताउम्र उनकी हिफाजत करने का संकल्प लिया है।

एयू में अब तक लगा चुके हैं एक लाख पौधे

हरियाली गुरु प्रो. एनबी सिंह को इलाहाबाद विश्वविद्यालय का कैंपस ग्रीन करने का पूरा श्रेय जाता हैं। खाली पड़ी विश्वविद्यालय की जमीनों पर उन्होंने छात्र-छात्रों के साथ अब तक एक लाख पौधे रोपे हैं। ये पौधे उनकी सेवा और देखभाल से अब पेड़ बन चुके हैं। बिना थके और बिना रुके उनका यह अभियान जारी है।

स्मार्ट सिटी के नाम पर 100 साल पुराने पेड़ों को काटने पर जताई चिंता

उनका कहना है कि प्रयागराज शहर में स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर जिस तरह 100 साल पुराने हरे-भरे लहलहाते पेड़ों को काट डाला गया, उससे शहर धीरे-धीरे कंक्रीट के जंगल में तब्दील होता जा रहा है। यह चिंता का विषय है। प्रो. एनबी सिंह अब शहर में जो पेड़ स्मार्ट सिटी की वजह से काटे गए उनकी जगह नए पेड़ लगा रहे हैं। रक्षाबंधन के दिन पर्यावरण प्रेमी भाई-बहनों की तरफ से शुरू की गई इस पहल से शायद शहर की कम होती ग्रीन पट्टी और हरियाली की फिर वापसी हो सकेगी। लोग पेड़ों की चिंता करेंगे।

घर की लॉन को बना डाली नर्सरी, गिफ्ट में देते हैं पौधे

प्रो. एनबी सिंह का अंदाज निराला है। चाहे शादी हो या बर्थडे वो पौधा ही उपहार स्वरूप देते हैं। यही नहीं इलाहाबाद विश्वविद्यालय में आने वाले हर नए अतिथि का स्वागत भी पौधे से करते हैं। छायादार पौधा देने के बाद उसे रोपने और उसकी देखभाल का संकल्प भी दिलाते हैं। इसके लिए उन्होंने अपने घर के पीछे के लॉन को पौधों की नर्सँरी में तब्दील कर दिया है। उसमें पौधे तैयार कर लोगों को उपहार स्वरूप देते हैं।

साइकिल से चलते हैं प्रो. एनबी सिंह

हरियाली गुरु चाहे कैंपस में हो या शहर के किसी हिस्से में वो अपनी साइकिल से ही सफर करते हैं। इसके पीछे पर्यावरण संरक्षण उनका मकसद है। उनका कहना है कि कार्बन उत्सर्जन तेजी से हो रहा है। अगर हर एक नागरिक अपने अपने स्तर पर ही पर्यावरण को बचाने का संकल्प ले ले तो काफी सुधार होगा।

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