Sunday, September 26, 2021
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संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट : गरीबी मिटाने में भारत आगे और देश के राज्यों में झारखंड सबसे आगे

रांची. भारत ने 2006 से 2016 के बीच दस साल में 10 विकासशील देशों के समूह में सबसे तेजी से गरीबी को कम किया है। इस दौरान देश के 27.1 करोड़ लोग गरीबी के दायरे से बाहर आए हैं। खास बात यह है कि भारत में भी गरीबों के विकास में सबसे तेज रफ्तार झारखंड की रही है। यह दावा संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में किया गया है।

झारखंड में पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के जीवन स्तर में काफी तेजी से सुधार हुआ। यह तीनों ही संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट के अध्ययन के मुख्य बिंदु थे। यूएन डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) की मल्टीडायमेंशनल पाॅवर्टी इंडेक्स (एमपीआई) पर ताजा रिपोर्ट बताती है कि गरीबी कम करने में झारखंड के बाद अरुणाचल प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ और नगालैंड का नंबर आता है।

 

हालांकि इस प्रगति के बावजूद अब भी भारत के चार सबसे गरीब प्रदेशों में एक झारखंड है। चार सबसे गरीब राज्यों बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में आज भी 19.6 करोड़ गरीब लोग बसते हैं यानी भारत के कुल 36.4 करोड़ गरीब लोगों के आधे। इन राज्यों में भी बिहार सबसे गरीब है। बिहार के 38 में से 11 जिले ऐसे हैं जहां 10 में से 6 व्यक्ति गरीब हैं। रिपोर्ट में दुनिया के 101 देशों की स्टडी को शामिल किया गया।

 

झारखंड में 10 वर्षों में गरीबों की संख्या 28.8% घटी

2005-06 में झारखंड का एमपीआई 0.425 था जो 2015-16 में घटकर 0.205 रह गया। यानी 0.221 की कमी आई है। सिर्फ यही नहीं, गरीबों की कुल संख्या में इन दस सालों में 28.8% की गिरावट आई है। 2005-06 में राज्य में 74.7% गरीब थे और 2015-16 में ये आंकड़ा 45.8 % रह गया।

 

आदिवासियों की स्थिति सुधरी

2005-06 में 79.8% आदिवासी गरीब थे। मगर 2015-16 में इसमें 29.8% की गिरावट आई। 10 वर्षों में गरीब की श्रेणी में आने वाले आदिवासी 50% रह गए। इसमें झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर के राज्यों का योगदान ज्यादा है।

 

देश की औसत से तेज है झारखंड का विकास

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