Thursday, August 5, 2021
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यूनिवर्सिटी ने स्कूल के शिक्षकों से उत्तरपुस्तिकाएं जंचवाने की बनाई योजना

वीर नर्मद दक्षिण गुजरात में एक बार फिर नया विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी ने स्कूल के शिक्षकों से उत्तरपुस्तिकाएं जंचवाने की योजना बनाई है। इससे शिक्षकों में भारी नाराजगी है। यूनिवर्सिटी में प्रवेश, परीक्षा और रिजल्ट जल्दी जारी करने के लिए यह कदम उठाया है।

सिंडीकेट सदस्य डॉ. कश्यम खरासिया ने कुलपति डॉ. किशोरसिंह चावड़ा को पत्र लिखकर सूरत समेत दक्षिण गुजरात के 3500 स्कूलों को उपयोग में लेने की सिफारिश की थी। इस प्रस्ताव को 21 जून को सिंडीकेट की बैठक में पेश किया जाएगा।

हालांकि विवाद इस बात को लेकर है कि प्रस्ताव को मंजूर होने से पहले ही कुलपति ने स्कूलों के प्रधानाचार्यों को लिंक भेजकर बताया कि अनुस्नातक की पदवी के साथ पांच वर्ष के अनुभवी शिक्षक अगर यूनिवर्सिटी की उत्तर पुस्तिकाएं जांचना चाहते हैं तो उनकी पूरी जानकारी भेजाे। इसकी जानकारी मिलते ही स्कूलों के शिक्षक भड़क गए। यूजीसी और शिक्षा विभाग की गाइडलाइन न होने के बावजूद यूनिवर्सिटी उत्तरपुस्तिकाएं शिक्षकों से जंचवाने की योजना बना रही है।

यूजी और शिक्षा विभाग में ऐसे कोई गाइडलाइन नहीं है, दोनों की योग्यता में बड़ा अंतर होता है

शिक्षक मंडल के पदाधिकारियों ने विरोध करते हुए बताया कि यूजीसी या शिक्षा विभाग की ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है। यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की कोई कमी नहीं है तो ऐसी तैयारी क्यों की जा रही है? ग्रांटेड और प्राइवेट कॉलेजों के शिक्षक 10 दिनों में उत्तर पुस्तिकाएं जांचकर यूनिवर्सिटी को सौंप देते हैं।

यूनिवर्सिटी के इस निर्णय से छात्रों को बहुत नुकसान होगा। क्योंकि कॉलेज और स्कूल की पढ़ाई अलग-अलग होती है। स्कूल के शिक्षक यूनिवर्सिटी या कॉलेज का काम नहीं कर सकते हैं। सालों पहले शिक्षकों ने आंदोलन किया था। शिक्षक मंडल के सिंडीकेट के सदस्य इसका कड़ा विरोध करेंगे।

ऐसे शिक्षकों को स्टैंड बाय में रखेंगे: वीसी

कुलपति डॉ. केएन चावड़ा ने बताया कि सोमवार को सिंडीकेट की बैठक में प्रस्ताव पास हो या न हो, पर इससे पहले जानकारी जुटा रहे हैं। हम ऐसे शिक्षकों को स्टैंड बाय रखेंगे ताकि कोरोना समेत कोई भी तकलीफ हो तो उनसे उत्तर पुस्तिकाएं जंचवा सकें। ताकि समय पर रिजल्ट जारी हो सके।

एकेडमिक काउंसिल की बैठक में नहीं रखा गया मुद्दा

एकेडमिक काउंसिल के सूत्रों ने बताया कि परीक्षा की तारीख, प्रश्नपत्र समेत सभी मुद्दे हमारे पास आते हैं। स्कूल के शिक्षकों से उत्तर पुस्तिकाएं जंचवाने का मुद्दा एकेडमिक काउंसिल में अभी तक नहीं आया है। यह उचित नहीं है। सिंडीकेट को इस प्रकार के मुद्दों को रद्द कर देना चाहिए। स्कूल के शिक्षक किसी भी हाल में यूनिवर्सिटी की उत्तर पुस्तिकाएं नहीं जांच सकते हैं।

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