यूपी : देवरिया में बड़ा हादसा, 80 साल पुराना मकान ध्वस्त होने से 3 की मौत

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देवरिया शहर के अंसारी रोड में करीब 80 साल पुराना मकान ध्वस्त होने से तीन लोग दब दब गए। जिसमें से दिलीप, चांदनी व एक मासूम बच्ची पायल की मृत्यु हो गई।करीब पौने तीन घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे मासूम सहित तीन का शव निकाल लिया गया। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। गली सकरी होने के कारण मलबा हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से तीन शवों को मलवा से बाहर निकाला।

देवरिया के एसडीएम सदर सौरभ सिंह ने बताया कि देर रात 3 बजे के आसपास अंसारी रोड पर पर एक सैकड़ों साल पुराना मकान गिर गया। इसमें 3 लोग मृत पाए गए हैं। ज़िला प्रशासन, पुलिस विभाग और दमकल विभाग के लोगों ने रेस्क्यू कर शव को बाहर निकाला।मौके पर मौजूद पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा, उपजिलाधिकारी सदर सौरभ सिंह ने बताया कि पुराना मकान में किराए पर एक परिवार रहता था। मकान अचानक ध्वस्त हो गई। एक महिला उसमें से बाहर निकल गई। बाकी तीन लोग मलबे में दब गए। चीख-पुकार के बाद मोहल्ले के लोग इकट्ठा हुए प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। मौके पर  उप जिलाधिकारी सदर, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रोहित सिंह तथा अग्निशमन विभाग के कर्मियों के साथ राहत बचाव कार्य जारी है।

मकान में रहने वाली प्रभावती देवी उम्र 60 वर्ष दुर्घटना होने से करीब 10 मिनट पहले लघुशंका के लिए करीब 3 बजे घर के बाहर गली में निकली थी उसी दौरान मकान की नींव भरभरा कर गिर गई जिससे वह बच गई लेकिन दिल का टुकड़ा उनके सिर पर गिर गया। प्रभावती को हल्की चोट लगी है। शोरगुल करने के बाद मोहल्ले के लोग जुट गए।मलबे में दबे दिलीप गोंड उम्र 35 वर्ष,पत्नी चांदनी देवी उम्र 30 वर्ष व मासूम पायल दो वर्ष शामिल हैं। दिलीप लगन के सीजन में पूरा सजावट का काम करते थे। प्रभावती देवी के अनुसार उनकी मां रामरति देवी किराए पर मकान ले कर रखी थी उसी समय से सभी लोग गुजर-बसर कर रहे थे। उस वक्त मकान गायत्री देवी का था। लेकिन बाद में कुलदीप बरनवाल ने इस मकान को खरीद लिया। मकान जर्जर होने के कारण बीच-बीच में रिपेयरिंग कराते रहे।प्रभावती देवी पति स्व.गोपाल का बेटा दिलीप तथा दूसरा बेटा मनोज गोंड एवं सुरेश पुत्र राम जतन व नारायण का परिवार रहता था। मकान का एक हिस्सा गिर गया।जिसमें दिलीप का परिवार मलबे में दब गया।

जर्जर मकान ध्वस्त होने के बाद उस मकान के दूसरे हिस्से में रह रहे लोगों को तत्काल प्रभाव से मकान खाली करने का निर्देश दिया गया है।देवरिया शहर के कई मोहल्लों में सैकड़ों साल पुरानी जर्जर मकान हैं। जिसमें सैकड़ों लोग परिवार सहित रहते हैं। उसमें कई ऐसे मकान हैं जिसमें किराएदारी को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है कानूनी दांवपेच के चलते लोग मकान नहीं खाली कर रहे हैं। प्रशासनिक लापरवाही का हाल यह है कि शहर के कई हिस्सों में सैकड़ों साल पुरानी मकान हैं। लेकिन किसी भी मकान स्वामी अथवा मकान में रहने वाले लोगों को प्रशासन की तरफ से कोई नोटिस नहीं दी गई।

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