Tuesday, September 21, 2021
Homeदेशसंसद : सुप्रीम कोर्ट की पदोन्नति में आरक्षण को लेकर की गई...

संसद : सुप्रीम कोर्ट की पदोन्नति में आरक्षण को लेकर की गई टिप्पणी पर लोकसभा में हंगामा, राजनाथ बोले- सरकार बयान देगी

नई दिल्ली. सरकारी नाैकरियाें में पदाेन्नति में आरक्षण काे माैलिक अधिकार न बताने वाले सुप्रीम काेर्ट के ताजा फैसले के खिलाफ विवाद शुरू हाे गया है। लोकसभा में सोमवार को विपक्ष ने इस मुद्दे पर हंगामा किया। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला संवेदनशील है और सरकार इस पर बयान देगी। स्पीकर ओम बिड़ला ने विपक्ष के हंगामे को देखते हुए कहा कि वे यह मुद्दा जीरो ऑवर में उठा सकते हैं।

एनडीए के घटक दलों ने भी विरोध किया

एनडीए में भाजपा की सहयोगी लाेजपा ने इस टिप्पणी के खिलाफ आवाज उठाई है। इसके अलावा मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस और माकपा ने फैसले से अहमति जताई और केंद्र सरकार से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की है। कांग्रेस ने रविवार काे कहा था कि वह सुप्रीम काेर्ट के फैसले से असहमत है।

राहुल ने कहा- आरक्षण हटाना भाजपा की साजिश

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, “भाजपा आरक्षण के खिलाफ है। वह आरक्षण को संविधान से निकालना चाहती है। यह चाहते हैं कि एससी-एसटी समुदाय कभी आगे न बढ़े और यह जो कहा है कि आरक्षण मौलिक अधिकार ही नहीं है, यह भाजपा की साजिश है। उत्तराखंड की सरकार ने यह बहस की है। आरएसएस-भाजपा वाले चाहे जितने सपने देख लें, लेकिन हम इसे हटने नहीं देंगे। संविधान पर आक्रमण हो रहा है। हर संस्थान को तोड़ा जा रहा है। ज्यूडिशियरी और लोकतंत्र के प्रमुख स्तंभों को एक-एक कर निशाना बनाया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था? 

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सरकारी नौकरियों में प्रमोशन के लिए कोटा या आरक्षण की मांग करना मौलिक अधिकार नहीं है। जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस हेमंत गुप्ता की बेंच ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी सेवा में कुछ समुदायों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व न दिए जाने का आंकड़ा सामने लाए बिना राज्य सरकारों को ऐसे प्रावधान करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। यह राज्य सरकार के विवेक पर निर्भर करता है कि उन्हें प्रमोशन में आरक्षण देना है या नहीं? कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार की अपील पर यह टिप्पणी की थी।

राजनीतिक पार्टियों ने क्या कहा?
माकपा ने सरकारी नौकरियों और पदोन्नति में आरक्षण को अनिवार्य बताते हुए कहा है कि सरकार को इसे लागू करने में आ रही कानूनी बाधाओं को दूर करना चाहिए। इनके अलावा भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के दल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी विरोधी सुर मुखर कर लिए हैं। उसका कहना है कि सरकार यदि आरक्षण में आड़े आ रही कानूनी बाधा दूर नहीं करती तो संसद में मुद्दा उठाएंगे।

  • कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक ने कहा कि सरकारी पदाें पर अजा/जजा की पदस्थापना सरकार का अधिकार नहीं हाेना चाहिए, बल्कि यह संविधान द्वारा दिया गया माैलिक अधिकार है।
  • पार्टी प्रवक्ता उदित राज ने कहा कि यह मामला बताता है कि भाजपा शासित राज्य और केंद्र सरकार में मतभेद हैं। क्याेंकि ऐसे ही मामले में केंद्र ने पदाेन्नति में आरक्षण दिया है। मूल रूप से भाजपा दलिताें और आरक्षण के खिलाफ है।
  • मल्लिकार्जुन खड़गे ने बेंगलुुरू में कहा कि केंद्र सरकार सुप्रीम काेर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे या आरक्षण काे माैलिक अधिकार बनाने के लिए संविधान में संशाेधन करे।

चिराग पासवान की सरकार से अपील- तत्काल फैसला पलटे, पुरानी व्यवस्था लागू करे

  • लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को पलटने की मांग की है। दिल्ली में रविवार को पासवान ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए आरक्षण की व्यवस्था पहले की तरह ही बरकरार रखे को कहा। सूत्रों के मुताबिक, चिराग सोमवार को यह मामला लोकसभा में उठा सकते हैं।
  • केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने सोमवार रात को दोनों सदनों के एससी-एसटी सांसदों को मिलन समारोह मे बुलाया है। इनमें सभी दलों के सांसद शामिल होंगे। यहां आरक्षण पर भी चर्चा होगी।

गार्गी कॉलेज छेड़छाड़ मामले में आप का नोटिस

आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने राज्यसभा में गार्गी कॉलेज की घटना पर जीरो ऑवर नोटिस दिया है। गार्गी कॉलेज कती छात्राओं का आरोप है कि एनुअल फेस्टिवल के दौरान कुछ अपरिचित लोगों ने कॉलेज में घुसकर उनके साथ छेड़छाड़ की थी। दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच कर रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments