Monday, September 27, 2021
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मध्यप्रदेश : एमसीयू में हंगामा: छात्रों को सीढ़ियों से घसीटते हुए ले गई पुलिस, एक अस्पताल में भर्ती

भोपाल. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (एमसीयू) की एडजंक्ट फैकल्टी दिलीप मंडल और मुकेश कुमार द्वारा की जाने वाली जातिगत टिप्पणियों से नाराज छात्र उन्हें हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को भी आंदोलित रहे।

एक छात्र बेहोश, दूसरे की नाक से निकला खून

विवि भवन के पांचवें तल पर कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दे रहे छात्रों को प्रशासन के कहने पर पुलिस ने शाम 5 बजे सीढ़ियों से घसीटते हुए उन्हें खदेड़ा। छात्र बिलखते रहे। लेकिन ना तो कुलपति दीपक तिवारी बाहर आए और न ही रजिस्ट्रार दीपेंद्र सिंह बघेल। 50 मिनट तक सीढ़ियों पर ही संघर्ष चलता रहा। इस दौरान पुलिस छात्रों को पांचवें से तीसरे तल तक ही ला सकी। एक छात्र बेहोश हुआ तो एक की नाक से खून निकला। बेहोश छात्र को जेपी में भर्ती कराया गया है।

पुलिस सुरक्षा में बाहर जा सके कुलपति

शाम 5.54 बजे रजिस्ट्रार चर्चा करने आए। उन्होंने कहा कि जांच के चलते मंडल व मुकेश के विवि प्रवेश पर रोक रहेगी। जांच समिति में 5 छात्रों को रखा जाएगा। छात्र कुलपति द्वारा बयान का खंडन करने की मांग को लेकर अडे रहे। इसके बाद रजिस्ट्रार ने दोनों प्रस्तावों को लागू करने से भी इनकार कर दिया। पुलिस सुरक्षा में कुलपति रात 8.45 बजे बाहर जा सके।

जांच समिति में छात्र प्रतिनिधियों को शामिल नहीं करने पर भड़के छात्र
विवि प्रशासन ने रैक्टर प्रो. श्रीकांत सिंह की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। समिति 15 दिन में रिपोर्ट देगी। आदेश में लिखा है कि समिति अगर उपयुक्त समझेगी तो विद्यार्थियों को सुनवाई के लिए आमंत्रित कर सकेगी। इस पर छात्र आपत्ति दर्ज कराने फिर धरने पर बैठ गए। इन्होंने कहा कि समिति में हर डिपार्टमेंट से एक-एक या कम से कम 5 छात्रों को स्थान दिया जाना चाहिए। लेकिन, प्रशासन ने उनकी यह बात नहीं सुनी।

दोपहर 12 बजे चर्चा अधूरी छोड़कर कांफ्रेंस हाॅल से चले गए कुलपति
दोपहर 12 बजे छात्रों और कुलपति के बीच बैठक हुई। चर्चा में छात्रों ने अधिकतर वे ही बातें दोहराईं जो उन्होंने गुरुवार को प्रशासन के सामने रखी थीं। छात्र इस चर्चा से संतुष्ट नहीं हुए, क्योेंकि उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं दिया जा रहा था। इसके बाद कुलपति उठकर चले गए।

  • पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कमेटी बनाई गई है, इसके बाद भी छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। शासकीय कार्य में बाधा आने के कारण पुलिस की सहायता ली गई। पूर्व कुलपति प्रो. बीके कुठियाला के समय भी एफआईआर हुई थी। हम छात्रों का नुकसान नहीं होने देंगे। -दीपक तिवारी, कुलपति एमसीय
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