Saturday, September 25, 2021
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उप्र : शाहबेरी में हुए अवैध निर्माण को लेकर योगी सख्त, कहा- जिम्मेदारों को चिह्नित कर कार्रवाई होगी

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शाहबेरी में अवैध रूप से कॉलोनियां विकसित करने वाले 30 बिल्डरों के खिलाफ  एफआईआर दर्ज कराकर उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत जेल भिजवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शाहबेरी, यमुना एक्सप्रेस-वे, नोएडा और ग्रेडर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लोकभवन में बुधवार देर शाम नोएडा, ग्रेटर नोएडा और शाहबेरी से जुड़े मामलों को लेकर बुलाई गई बैठक में मुख्यमंत्री ने कोर्ट के स्टे के बावजूद शाहबेरी में निर्माण पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्माण कैसे हुआ इसकी जांच कराई जाए। 2014 के बाद हुए निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की सूची बनाई जाए। साथ ही 2007 से 2014 तक (सपा-बसपा शासन में) जमीन मामलों में लिप्त अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए उनकी सूची बनाने के निर्देश दिए।

शाहबेरी में सभी निर्माणों की होगी जांच
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि शाहबेरी में सभी निर्माणों की सुरक्षा आडिट होनी चाहिए। जो निर्माण सुरक्षित नहीं है, उनको गिराने की प्रक्रिया प्राधिकरण को करनी चाहिए। जिन मकानों व फ्लैट्स में लोग रह रहे हैं। उनकी जांच करवाई जाए। ताकि पता चल सके कि ये लोग कौन हैं और बिल्डरों से इन लोगों ने कैसे भवन खरीदे। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस पूरे मामले की अदालत में बेहतर तरीके से पैरवी की जाए।

आवास विकास  व एलडीए द्वारा बनाए आवासों की भी होगी जांच 
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आवास विकास और लखनऊ विकास प्राधिकरण के आवासों की भी जांच होनी चाहिए। क्योंकि लगातार इनके आवासों की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने मुख्य सचिव अनूपचंद्र पाण्डेय को निर्देश दिया है कि आवास और एलडीए के अधिकारियों की मीटिंग कर उनके कार्यों की समीक्षा करें।

शाहबेरी में भवनों का होगा ऑडिट
योगी ने कहा कि निर्माणों का सुरक्षा ऑडिट होना चाहिए। जो निर्माण असुरक्षित हैं, प्राधिकरण उन्हें गिराने की प्रक्रिया शुरु करे। जिन मकानों में लोग रह रहे हैं उनकी जांच कराई जाए, ताकि पता चल सके कि ये लोग कौन हैं और उन्होंने बिल्डरों से भवन कैसे खरीदे। योगी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शाहबेरी प्रकरण में अदालत में बेहतर तरीके से पैरवी करें।

दरअसल आम्रपाली ग्रुप पर सुप्रीम कोर्ट का शिकंजा कसने के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण में वर्ष 2007 से 2010 तक तैनात रहे अधिकारियों की जांच के भी आदेश दे दिए हैं। किस अधिकारी का दामन दागदार है और कौन पाक-साफ है यह तो जांच के बाद पता चलेगा, लेकिन सूत्रों के अनुसार फिलहाल सात आइएएस सहित प्राधिकरणों के करीब तीस अधिकारियों की फाइल खुलने जा रही हैं।

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