Friday, September 24, 2021
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बागपत की वयोवद्ध निशानेबाज दादी चंद्रो तोमर का मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान निधन

फिल्म सांड की आंख के बाद सुर्खियों में आने वाली दादी चंद्रो तोमर का शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के कारण निधन हो गया। शूटर दादी के नाम से विख्यात 89 वर्षीया चंद्रो तोमर का जन्म मुजफ्फरनगर में हुआ था।

जौहड़ी की वयोवृद्ध शूटर दादी चंद्रो तोमर का मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान निधन। सोमवार की रात को बागपत में वयोवद्ध निशानेबाज चंद्रो तोमर को सांस लेने में दिक्‍कत होने के बाद मेरठ के एक अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था।

बागपत में बिनौली के जौहड़ी की वयोवृद्ध शूटर दादी चंद्रो तोमर का शुक्रवार को मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान निधन हो गया। वह कोरोना वायरस से संक्रमित थीं और उनको गुरुवार रात को ही बागपत के आनंद हॉस्पिटल से मेरठ के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। दादी के स्वजनों ने उनकी मौत का कारण ब्रेन हेमरेज बताया है।

उनके बेटे विनोद तोमर ने बताया कि सोमवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई तो जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिसके बाद उन्हें मेरठ के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। निशानेबाज चंद्रो तोमर के कोरोना पॉजिटिव होने से आसपास के क्षेत्रों में उनके प्रशंसकों के बीच मायूसी छा गई थी। सब उनके शीघ्र स्‍वस्‍थ होने की कामना कर रहे थे, लेकिन शुक्रवार को उनका निधन हो गया।

शूटर दादी के नाम से मशहूर चंद्रो तोमर तीन दिन पहले से कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गई थीं। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से चहेतों को अपने कोरोना संक्रमित होने की जानकारी तीन दिन पहले दी थी। उनके ट्विटर हैंडल से लिखा गया था कि दादी चंद्रो तोमर कोरोना पॉजि़टिव हैं और सांस लेने की परेशानी के चलते हॉस्पिटल में भर्ती हैं।

उन्होंने कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं जीती और उन्हेंं विश्व की सबसे उम्रदराज निशानेबाज माना जाता है। उन्होंने अपनी बहन प्रकाशी तोमर के साथ कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। प्रकाशी भी दुनिया की उम्रदराज महिला निशानेबाजों में शामिल हैं।

बॉलीवुड फिल्म सांड की आंख दादी चंद्रो तोमर और प्रकाशी तोमर की रियल लाइफ स्टोरी पर ही आधारित है। इससे पहले भी अभिनेता आमिर खान ने दोनों शूटर दादी की कहानी से प्रभावित होकर उन्हें अपने शो सत्यमेव जयते में भी बुलाया था।

बागपत में घर के पुरुषों ने उनकी दोनों निशानेबाजी पर आपत्ति जतायी, लेकिन उनके बेटों, बहुओं और पोते- पोतियों ने उनका पूरा साथ दिया। इसके बाद वह घर से निकलकर पास के रेंज में अभ्यास करने के लिए जा सकीं। शूटर दादी ने वरिष्ठ नागरिक वर्ग में कई पुरस्कार भी हासिल किये, जिनमें स्त्री शक्ति सम्मान भी शामिल है जिसे स्वयं राष्ट्रपति ने भेंट किया था।

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