Friday, September 24, 2021
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गुजरात : वीएनएसजीयू का 51 वां दीक्षांत समारोह : खेल में मजा नहीं हो, तो मत खेलो, पढ़ाई में मजा नहीं, तो मत पढ़ो-कपिल देव

सूरत. वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने छात्रों को सं‍बोधित करते हुए कहा कि छात्रों को खेल से ज्यादा पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन जिस काम में मन लगे उसे ही करो, किसी के दबाव में आकर कोई काम नहीं करना चाहिए। यदि पढ़ाई में मन नहीं लगे तो उसे भी बंद कर दो।

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व क्रिकेटर कपिल देव

पढ़ाई को पैशन समझकर करो
पढ़ाई को मजबूरी मत बनाओ उसे उसे पैशन समझकर करो। साथ ही अपने पैशन को ही अपना काम बनाओ, पैरेंट्स अपनी उम्मीद बच्चों पर थोप देते हैं, लेकिन मेरा मानना है कि बच्चों से पूछना चाहिए कि वो क्या करना चाहते हैं। कपिल देव ने कहा कि जिंदगी में बहुत कुछ भूलना पड़ता है और झुक कर आगे बढ़ना पड़ता है। मेरे आदर्श नेल्सन मंडेला हैं, जो 26 वर्षों तक जेल में रहे, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि आप उन लोगों के बारे में क्या सोचते हैं जिन्होंने आपको जेल भिजवाया, तो उन्होंने कहा मैं उन सभी लोगों को माफ करता हूं, जिन्होंने मुझे जेल भेजा। कपिल देव ने कहा कि किसी की कॉपी नहीं करनी चाहिए, जो आप हो वही रहो। खुद ऑरिजनल बनो। किसी और को इम्प्रेस करने से बेहतर है कि खुद को इम्प्रेस करो।

32 हजार में से 1865 के पास ही है काम
यूनिवर्सिटी ने डिग्री देने से पहले एक सर्वे किया था, जिसमें छात्रों से ऑनलाइन आवेदन मंगाए गए थे। यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन आवेदन में एक ऑप्शन रखा था जिसमें छात्रों से पूछा गया था कि वो आगे की पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं? अपना कोई बिजनेस कर रहे हैं या नहीं? क्या छात्र बेरोजगार हैं? इस सर्वे के अनुसार मात्र 1865 छात्रों ने रोजगार होने की बात कही है। आवेदन के अनुसार आवेदन 32,529 छात्रों ने किया, जिसमें 17,737 छात्र बेरोजगार थे, 12927 छात्रों ने बताया कि वो पढ़ाई कर रहे हैं, जबकि 1420 ने नौकरी पर होने की बात कही और 445 लोगों ने खुद का बिजनेस करने की घोषणा ऑनलाइन आवेदन में की है।

कुलपति गुप्ता ने गिनाए यूनिवर्सिटी के काम
यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कुलपति शिवेंद्र गुप्ता ने कहा कि उन्होंने अब तक जितने काम किए हैं सब छात्र हित में हैं। अपने 10 मिनट के भाषण में लगभग 20 बड़ी योजनाओं को छात्रों और मुख्य अतिथि के सामने रखा। हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान कई विवाद भी रहे। दीक्षांत समारोह में भी कई सीनेट और सिंडीकेट सदस्य नहीं आए।

कुल 10 गोल्ड मेडल दिए, जिसमें 8 छात्राओं को मिले
विवि में कुल 32330 छात्रों को डिग्री बांटी गई, जिसमें से 80 मेडल, 55 प्राइज, 13 पारितोषिक सहित अन्य पुरस्कार छात्रों को दिए गए। दिन गए 10 गोल्ड मेडल में से 7 मेडल छात्राओं को मिले। इस वर्ष पारितोषिक लेने वाले छात्रों की संख्या कम रही। इस बार 32 हजार छात्रों को डिग्री दी गई थी, जबकि इससे पहले 28 हजार छात्रों को दी गई थी।

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