Sunday, September 26, 2021
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टेक ऑफ के दौरान नागपुर से हैदराबाद जा रहे चार्टर्ड प्लेन का पहिया निकला, मुंबई में सुरक्षित उतारा गया

नागपुर से हैदराबाद जा रही एक एयर एंबुलेंस की गुरुवार रात करीब 9.10 बजे मुंबई में सुरक्षित क्रैश (बेली) लैंडिंग कराई गई। विमान के क्रू सहित उसमें सवार सभी 5 लोग सुरक्षित हैं। लैंडिंग गियर फेल होने के बाद प्लेन को हैदराबाद से मुंबई डायवर्ट कर दिया गया था।

प्लेन की क्रैश लैंडिंग होने के बाद उसमें आग लगने का खतरा ना रहे, इसलिए तेज पानी की बारिश की गई।

जेट सर्व एविएशन का C-90 VT-JIL प्लेन नागपुर के रनवे नंबर 32 से उड़ा था। उड़ान भरते समय प्लेन का दाहिना पहिया निकलकर रनवे से दूर चला गया था। सिविल एविएशन के डीजी अरुण कुमार ने बताया कि प्लेन को सही-सलामत लैंड करा लिया गया। लैंडिंग से पहले रनवे पर ढेर सारा फोम बिछा दिया गया था। इससे प्लेन में आग लगने का खतरा कम हो जाता है। प्लेन को लैंड कराने के लिए पायलट ने बेली लैंडिंग की तकनीक अपनाई।

फ्लाइट को लैंड कराने में दिक्कत न हो इसलिए रनवे पर ढेर सारा फोम डाल दिया गया था।
फ्लाइट को लैंड कराने में दिक्कत न हो इसलिए रनवे पर ढेर सारा फोम डाल दिया गया था।
नागपुर एयरपोर्ट से टेक ऑफ करते समय ही प्लेन का दाहिना पहिया निकल गया था।
नागपुर एयरपोर्ट से टेक ऑफ करते समय ही प्लेन का दाहिना पहिया निकल गया था।
लैंडिंग होने के बाद रनवे को सील करते एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी।
लैंडिंग होने के बाद रनवे को सील करते एयरपोर्ट अथॉरिटी के कर्मचारी।
प्लेन की लैंडिंग होते ही सबसे पहले उसमें मौजूद यात्री और क्रू को निकाला गया।
प्लेन की लैंडिंग होते ही सबसे पहले उसमें मौजूद यात्री और क्रू को निकाला गया।

 

डीजी कुमार ने बताया कि हम सब काफी परेशान हो गए थे। पायलट को बताया गया कि किस तरह बेली लैंडिंग करानी है। प्लेन को पायलट केशरी सिंह उड़ा रहे थे। उन्होंने बताया कि उन्हें प्लेन का पहिया अलग होने की जानकारी मिल गई थी। इसलिए बेली लैंडिंग कराई गई। मुझे नहीं पता कि इससे रनवे को नुकसान पहुंचा या नहीं। हालांकि इस बात की खुशी है कि किसी को चोट नहीं पहुंची।

क्या होती है बेली लैंडिंग?
बेली लैंडिंग या गियर-अप लैंडिंग तब होती है जब कोई विमान अपने लैंडिंग गियर के बिना लैंड होता है और वो मुख्य लैंडिंग डिवाइस के रूप में अपने अंडरसाइड, या बेली का उपयोग करता है। आम तौर पर गियर-अप लैंडिंग टर्म का इस्तेमाल उस स्थिति में होता है जब पायलट लैंडिंग गियर का विस्तार करना भूल जाता है, जबकि बेली लैंडिंग उस स्थिति से जुड़ा है जब तकनीकी खराबी की वजह से पायलट लैंडिंग गियर का विस्तार नहीं कर पाता।

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