Friday, September 17, 2021
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मजबूरी : लॉकडाउन में ढाबा बंद होने से पति बेकार व घर की मजबूरी के चलते महिला ने की आत्महत्या

धर्मशाला. देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। देश में इस वायरस के बढ़ते प्रकोप पर काबू पाने के लिए सरकार की ओर से पिछले दो महीने से ज्यादा समय से लॉकडाउन की स्थिति लागू है। जिस कारण कई लोगाें के कामकाज बंद हो गए है।

महिला ने फंदा लगाया

धर्मशाला के साथ सटे खनियारा गांव की नेपाली मूल की चार बच्चों की मां ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वह यहां पर एक किराए के मकान में रहती थी और उसका पति मनाली के पतलीकूहल में ढाबा चलाता था। लॉकडाउन के चलते यह काम बंद था और पिछले तीन माह से अधिक समय से वहीँ फंसा हुआ था।

सुसाइड नोट मिला

शनिवार सुबह ही महिला का शव घर के आंगन में पेड़ से लटका बरामद हुआ। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। 45 वर्षीय शीला देवी पत्नी कालू राम की तीन बेटियां और एक बेटा है। घर के आंगन के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है जिसमें मृतिका ने आत्महत्या का कारण घर की मजबूरियों को बताया है। मृतिका ने लिखा है कि मेरे प्यारे बच्चों मुझसे गलती हो गई मुझे माफ़ करना। बेटियों अब आपको अपने भाई का ख्याल रखना होगा। पिंकी, बबिता व् डिंपल को तो मालूम है कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं रही लेकिन 8 साल के बेटे देव को इसका जरा भी ज्ञान नहीं है कि उसको पुचकारने वाली मां की ममता अब उसे नहीं मिलने वाली।  वो घर में टीवी पर कार्यक्रम देखने में व्यस्त है। न तो उसे पुलिस की उपस्थिति का ज्ञान है और न ही मां की मौत का। एसएचओ धर्मशाला राजेश कुमार ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए जोनल अस्पताल धर्मशाला भेजा गया है। शव के साथ सुसाइड नोट मिला है,जिसमें घर की मजबूरियां को कारण बताकर आत्महत्या करने की बात लिखी हुई है।

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