सऊदी अरब : महिलाओं को ड्राइविंग, खेल जैसी छूट मिलीं; मदीना और रियाद में अब वे कॉफी शॉप में काम करती हैं

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श्चिमी देशों में सऊदी अरब को प्रताड़ित महिलाओं, धार्मिक कट्‌टरता, मानव अधिकारों के उल्लंघन जैसी बातों के लिए जाना जाता है। ऐसी खबरें भी आती हैं कि यहां से महिलाएं हर हाल में भागना चाहती हैं। लेकिन, युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने महिलाओं को कई अधिकार देकर इस छवि को सुधारने की कोशिश की है। महिलाओं को ड्राइविंग करने, खेल प्रतियोगिताएं देखने, पुरुष की अनुमति के बिना यात्रा करने जैसी छूट मिली है। बड़े शहरों में महिलाएं बाल खुले रखकर बाहर निकलती हैं। पुरुषों के साथ खुलकर मिलती-जुलती हैं। मदीना, रियाद, जेद्दा में कई महिलाएं पुरुषों के साथ कॉफी शॉप में काम कर रही हैं। लेकिन, कई परिवारों में अब भी महिलाओं को पिता, पति, भाइयों और बेटों की मर्जी से ही चलना पड़ता है।

दो साल की खींचतान के बाद दोनों को काम करने की अनुमति मिली

युवराज सलमान महिलाओं को पुरुषों के नियंत्रण से बाहर करने की चर्चा करते हैं। पर विवाह, स्वेच्छा से जीवन बिताने सहित कई मामलों में उनकी इच्छा का कोई महत्व नहीं है। तीर्थ स्थान मदीना की रागदा और रफा अबुजा ने अपने पिता को बताया कि वे कॉफी शॉप में काम करना चाहती हैं। परिवार में तूफान खड़ा हो गया। पिता ने कहा लोग क्या कहेंगे? दो साल की खींचतान के बाद दोनों को काम करने की अनुमति मिल गई। उनके ग्राहकों और सहयोगियों में महिलाएं और पुरुष भी हैं। वे अपने बाल ढांकती हैं लेकिन चेहरा खुला रहता है। अचरज है कि उनके माता-पिता भी कॉफी शॉप पर आने लगे हैं।

पहले ऑफिस में पुरुषों से अलग काम करती थीं

रागदा और रफा पहले बुर्का पहनती थीं। एक ऑफिस में पुरुषों से अलग काम करती थीं। छोटे शहरों और गांवों में लोग अब भी पुरानी परंपराओं से चिपके हुए हैं। दूसरी तरफ रियाद, जेद्दा जैसे शहरों में जिंदगी एकदम अलग है। रागदा और रफा ने जब नौकरी की शुरुआत की थी तब मदीना में महिलाओं के स्टाफ वाली कॉफी शॉप नहीं थीं। दोनों बहनों ने हिजाब पहनना बंद कर दिया। वे लड़कों से बेझिझक बात करती थीं। शॉप मालिक ने इससे चिढ़कर उन्हें नौकरी से निकाल दिया। रफा का कहना है, मेरा चेहरा मेरी पहचान है। इस बीच महिला, पुरुष स्टाफ के कई कॉफी शॉप खुल गए। रागदा को लेडी बग और रफा को ब्लिंक नामक शॉप में काम मिल गया।
पति, पत्नियों के काम करने के पक्ष में

2018 में एक स्टडी में पाया गया कि अधिकतर सऊदी पति अपनी पत्नियों के घर से बाहर काम करने के पक्ष में है लेकिन वे सोचते हैं कि दूसरे पुरुष क्या कहेंगे। कई लोगों ने पत्नियों के नाम भर्ती एजेंसियों में दर्ज कराए हैं। रियाद में 18 साल की रेवान मोहा एक कॉफी शॉप में काम करती हैं पर उन्होंने अपने पिता को इसकी जानकारी नहीं दी है। उसने मां को सब कुछ बता दिया है। मोहा के साथ काम करने वाली बीस साल की जुमाना अलशेख के परिवार ने उसे खुली छूट दे रखी है। वह कहती है, युवराज सलमान ने महिलाओं को सभी अधिकार दिए हैं।

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