Tuesday, September 28, 2021
Homeपंजाबनौजवान ने सुनाया नशे की लत का दुखड़ा; बोला- बर्बाद हो गई...

नौजवान ने सुनाया नशे की लत का दुखड़ा; बोला- बर्बाद हो गई जिंदगी, पहले जैसी छवि बनाना बेहद मुश्किल

मां-बाप व उजड़ रहे घर को बचाने के लिए उसने खुद बटाला के सिविल अस्पताल में नशा छुड़ाओं केंद्र में उपचार के लिए डॉक्टरों से मुलाकात की।
  • युवक ने कुछ साल पहले दोस्तों की महफिल में बैठकर हेरोइन चखी और फिर लत लग गई
  • आराेप- कुछ लोग अमीर बनने की चाहत में युवाओं को नशे की दलदल में फंसाने में जुटे

नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस और समाज दोनों को एक साथ बड़ी लड़ाई लड़नी पड़ेगी, तब जाकर युवा पीढ़ी नशे की दलदल से बाहर निकलेगी। यह कहना है कि पंजाब के बटाला निवासी एक युवक का, जिसने अपना दुखड़ा सुनाया और युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें। युवक ने आरोप लगाया है कि कुछ लोग जल्द अमीर बनने के लिए बच्चों को नशे के दलदल में फंसाने में जुटे हुए हैं। कुछ साल पहले वह दोस्तों की महफिल में बैठा हुआ था। एक दोस्त ने कहा, आओ थोड़ा बहुत फन करते हैं और उसने मुझे हेरोइन का नशा करा दिया। उसके बाद ऐसी लत लगी कि जिंदगी बर्बाद हो गई।

उस एक मिनट के फन ने उसकी जिंदगी को आज उस मोड़ पर लाकर खड़ी कर दिया है, जहां वह नशा छोड़ चुका है, लेकिन समाज में अपनी पहले वाली छवि को बनाने में कामयाब नही हो पा रहा। युवक ने कहा कि हेरोइन का नशा उसके सिर चढ़ बोलने लगा और समाज में उसका व उसके परिजनों का मान सम्मान घटता गया। कुछ साल नशा करने के बाद अपने मां-बाप व उजड़ रहे घर को बचाने के लिए उसने खुद बटाला के सिविल अस्पताल में नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के लिए डॉक्टरों से मुलाकात की। हिमाचल के एक सेंटर में क्लास भी लगाई। वह अब ठीक होकर अपने परिजनों के साथ रह रहा है, लेकिन समाज में पहले वाली छवि को देखते हुए उसे कोई भी काम पर नही रख रहा है।

इसलिए वह पुलिस और समाज के लोगों से अपील करता है कि कोई नशे की दलदल में न फंसे। इसके लिए नशा तस्करों के खिलाफ ठोस रणनीति बनाएं, ताकि युवाओं को नशे के दलदल में फंसने से बचाया जा सके। युवक ने हाथ जोड़ते हुए सरकार व प्रशासन से अपील की कि जिस तरह लोगों को नशे से दूर करने के लिए योजनाएं बनाई गई हैं। इसी तरह नशा छोड़ चुके लोगों को अपना परिवार पालने में कोई मुश्किल न आए, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। क्योंकि समाज के लोगों की अनदेखी के कारण नशा छोड़ चुके लोग डिप्रेशन की वजह से दोबारा उसी दलदल में फंस सकते हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments