गुजरात के प्रांटिज में मदरसे में नाबालिग छात्रों के साथ क्रूरता का मामला सामने आया है. तीन मौलवियों ने छात्रों को मामूली बातों पर पीटा और बाहर जाने से रोका. इसके बाद आठ बच्चे भागकर ट्रेन में चढ़ गए. मगर, मौलवियों ने उन्हें पकड़ लिया. बच्चों के चिल्लाने पर रेलवे पुलिस ने हस्तक्षेप किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.

गुजरात के साबरकांठा जिले के प्रांटिज कस्बे में स्थित एक मदरसा में नाबालिग छात्रों के साथ की जा रही मारपीट और बंधक बनाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने तीन मौलवियों को गिरफ्तार किया है. ये छात्रों को मामूली बातों पर पीटते थे और मदरसे बाहर निकलने नहीं देते थे.
दरअसल, बिहार से लाए गए इन बच्चों को मदरसे में जबरन कैद कर रखा गया था. 8 बच्चों ने सोमवार तड़के मदरसे का ताला तोड़कर भाग निकले और ट्रेन में सवार हो गए. जब ट्रेन हिमतनगर स्टेशन पहुंची, तो मौलवी उन्हें जबरन वापस ले जाने लगे. लेकिन बच्चों के चिल्लाने पर रेलवे पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे और उन्हें आगे की जांच के लिए प्रतीक्षा कक्ष में ले गए.
पुलिस के अनुसार मौलवी मुफ्ती यूसुफ, मोहम्मद अनस मेमन और मोहम्मद फहद पर मारपीट, बंधक बनाना और किशोर न्याय अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. शिकायतकर्ता 16 वर्षीय छात्र ने बताया कि देर से सोने, समय पर न उठने या हंसी-मजाक करने पर छात्रों की बेरहमी से पिटाई की जाती थी.


