भारत में अंग्रेजी बोलने के मामले में देश वैश्विक औसत से ऊपर है और इस मामले में दिल्ली सबसे आगे है। पियरसन की ग्लोबल इंग्लिश प्रोफिसिएंसी रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में अंग्रेजी बोलने की क्षमता सबसे बेहतरीन है जबकि इसके बाद राजस्थान और पंजाब का नंबर आता है। दिल्ली में अंग्रेजी बोलने के मामले में 63 अंक मिले हैं जो कि देश में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद राजस्थान को 60 अंक मिले हैं जबकि पंजाब को 58 अंक मिले हैं।

यह रिपोर्ट वैश्विक स्तर पर अंग्रेजी भाषा की प्रवीणता के बारे में जानकारी देती है और यह करीब 7.50 लाख लोगों के टेस्ट नतीजों पर आधारित है। पियरसन का वसैंट टेस्ट अंग्रेजी भाषा की परख करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और यह कंपनियों को उनकी जरूरत के अनुसार सर्वश्रेष्ठ उम्मीदवारों का चयन करने में मदद करता है।
भारत में अंग्रेजी के कौशल में सुधार
पियरसन की रिपोर्ट के अनुसार हाल के वर्षों में भारत में अंग्रेजी भाषा के कौशल में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। यह रिपोर्ट भारत, फिलीपींस, जापान, मिस्र, कंबोडिया और यूरोप जैसे देशों में अंग्रेजी की प्रवीणता को लेकर व्यापक जानकारी प्रदान करती है। भारत में लिखने में नागरिकों का प्रदर्शन वैश्विक औसत के बराबर है जबकि बोलने में वे औसत से आगे हैं।
अंग्रेजी की निपुणता: रणनीतिक ताकत
पियरसन इंग्लिश लैंग्वेज लर्निंग डिविजन के अध्यक्ष जियोवानी जियोवैन्नेल्ली ने कहा, “अंग्रेजी में निपुणता सिर्फ एक कौशल नहीं बल्कि रणनीतिक ताकत है।” यह रिपोर्ट कंपनियों को आंकड़ों के आधार पर जानकारी देती है जिससे वे अपने कर्मचारियों के चयन और विकास के लिए बेहतर फैसले ले सकती हैं। यह जानकारी कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाने और तरक्की हासिल करने में मदद करती है।
इस रिपोर्ट के अनुसार अंग्रेजी के कौशल में सुधार भारत में व्यावसायिक और रोजगार के अवसरों को बेहतर बनाने में मदद कर रहा है।


