गाजा युद्धविराम समझौता धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। फिलिस्तीनी आतंकवादी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को बंदी बनाई गईं चार इजरायली महिला सैनिकों को रिहा कर दिया। इन सैनिकों की रिहाई के बदले में इजरायल अपनी जेलों में बंद फिलिस्तीनी कैदियों के एक समूह को रिहा करेगा। यह संख्या अभी तक साफ नहीं है लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 200 फिलिस्तीनी कैदी रिहा हो सकते हैं।

रिहा की गईं इन सैनिकों को सेना की वर्दी में लाया गया और उन्हें एक मंच पर खड़ा कर दिया गया। इसके बाद इन सैनिकों को रेडक्रॉस के सदस्यों के हवाले कर दिया गया। फिलहाल ये सैनिक गाजा से बाहर निकल चुके हैं। रिहा होने के बाद इन चारों सैनिकों के चेहरे पर राहत और खुशी की मुस्कान थी। हमास के मुताबिक रिहा किए गए सैनिकों के नाम करीना एरिएव, डेनिएला गिल्बोआ, नामा लेवी और लिरी अल्बाग हैं।
इससे पहले शुक्रवार को हमास ने कहा था कि वे संघर्षविराम समझौते के अगले चरण के तहत शनिवार को इन चार महिला सैनिकों को रिहा करेंगे जिन्हें 7 अक्टूबर के हमले के दौरान बंदी बनाया गया था। ये सैनिक गाजा सीमा के करीब एक किलोमीटर दूर दोस नाहल ओज सैन्य अड्डे से बंदी बनाए गए थे और पिछले 15 महीनों से हमास की कैद में थे।
यह युद्धविराम समझौते के तहत दोनों पक्षों के बीच आदान-प्रदान का दूसरा चरण है। चार महिला सैनिकों की रिहाई के बदले इजरायल फिलिस्तीनी कैदियों के एक समूह को अपनी जेलों से रिहा करेगा। यह समझौता 15 महीने से चल रहे युद्ध को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके बाद कई विस्थापित गाजावासी अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। इस मौके पर बात करते हुए एक गाजावासी ने बताया कि जब वे वापस लौटने की सोचते हैं तो उन्हें लगता है कि उनके घर पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। उनके पास तंबू लगाने तक की जगह नहीं है और जहां कभी घर हुआ करते थे अब वहां सिर्फ मलबा पड़ा है।


