अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका अब व्यापार में परस्परता (रिसिप्रोसिटी) की नीति अपनाएगा। यानी, अगर कोई देश अमेरिका पर कोई शुल्क लगाता है, तो अमेरिका भी उस पर वैसा ही शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया, “अगर भारत या कोई अन्य देश कम शुल्क लगाता है, तो हम भी उतना ही लगाएंगे। जो भी शुल्क भारत लगाएगा, हम भी वही लगाएंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका को यूरोपीय संघ और चीन के साथ व्यापार में भारत की तुलना में अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां अनुचित व्यापार नीतियां और ऊंचे शुल्क हैं। ट्रंप ने चीन पर सख्त रुख अपनाने की बात दोहराते हुए कहा, “जब तक मैं राष्ट्रपति नहीं बना, तब तक हमने चीन से एक पैसा भी नहीं लिया था। लेकिन अब हमने उनसे सैकड़ों अरब डॉलर हासिल किए हैं।”
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच ‘रिसिप्रोकल टैरिफ’ यानी समान शुल्क प्रणाली लागू होगी। उनका मानना है कि यह दोनों देशों के लिए ‘फेयर डील’ होगी। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।


