उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले के झूंसी स्थित एक लॉज के बाथरूम में 19 फरवरी को एक महिला का शव मिला। महिला की गला रेतकर हत्या की गई थी। लॉज के मालिक ने इस मामले में पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। लॉज मालिक ने बताया कि महिला मंगलवार रात 9 बजे एक युवक के साथ आई थी, जिन्होंने खुद को पति-पत्नी बताया और 500 रुपए में कमरा लिया। दोनों ने अपनी पहचान के लिए कोई आईडी या फोन नंबर नहीं दिया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, झूंसी के इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह ने कहा कि कमरे में महिला का कोई सामान नहीं मिला, और साथ आया युवक फरार हो गया। लॉज के मकान मालिक वहां नहीं थे और बगल की दुकान के मालिक ने उनकी मदद की थी। उन्होंने दुकानदार को बताया कि वे दिल्ली से आए हैं और थके हुए हैं, इसलिए कुछ घंटे के लिए कमरा चाहिए।
बेटे ने मां की तलाश में थाने का किया रुख
20 फरवरी को महिला का बेटा अश्विन अपनी मां की तलाश में प्रयागराज पहुंचा। उसने झूंसी थाना प्रभारी उपेंद्र प्रताप सिंह को अपनी मां मीनाक्षी की फोटो दिखाई और बताया कि वह लापता हैं। अश्विन ने बताया कि उसकी मां 17 फरवरी को अपने पिता के साथ महाकुंभ स्नान करने के लिए दिल्ली से आई थीं। पुलिस ने आशंका जताई कि यही महिला की हत्या का मामला हो सकता है। अश्विन ने झूंसी थाने पहुंचकर इंस्पेक्टर को अपनी मां की पहचान कराई। वहां, पुलिस ने उसे पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाकर शव दिखाया, जिसे देखकर अश्विन फूट-फूटकर रो पड़ा और उसने पहचान लिया कि यह उसकी मां हैं।
पति पर संदेह, पुलिस ने किया गिरफ्तार
पुलिस ने अश्विन से उसके पिता के बारे में जानकारी मांगी। अश्विन ने बताया कि उसके पिता का नाम अशोक कुमार है और वह दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मी हैं। पुलिस ने अश्विन से कहा कि वह अपने पिता को बुलाए। अश्विन के बुलाने पर अशोक 21 फरवरी को प्रयागराज पहुंचा। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अशोक ने पहले तो गोलमोल जवाब दिए, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने कबूल किया कि उसने ही मीनाक्षी की हत्या की है। अशोक ने बताया कि उसकी मीनाक्षी से रोज झगड़ा होता था, क्योंकि उसका अवैध संबंध किसी अन्य महिला से था। हत्या की योजना बनाते हुए उसने महाकुंभ को सही स्थान चुना और सोचा कि वहां उसकी पत्नी गायब हो जाएगी।


