गुजरात के द्वारका में भीडभंजन महादेव मंदिर से शिवलिंग चोरी का रहस्य सामने आया. आरोपियों ने एक सपने के आधार पर शिवलिंग चुराया और घर में स्थापित किया. पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया.

गुजरात के द्वारका जिले में एक ऐसी घटना घटी जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया. 25 फरवरी की सुबह, जब लोग महाशिवरात्रि की तैयारियों में लगे थे, तभी खबर आई कि हर्षद इलाके के भीडभंजन महादेव मंदिर से शिवलिंग चोरी हो गया है. श्रद्धालु इस घटना से बेहद दुखी और गुस्से में थे. लोगों ने पुलिस से इस मामले में तुरंत कार्रवाई की मांग की. पुलिस भी हरकत में आई और कुछ ही दिनों में 11 लोगों को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन जब चोरी की असली वजह सामने आई, तो हर कोई दंग रह गया.
पुलिस जांच में सामने आया कि यह चोरी किसी लालच या संपत्ति के लिए नहीं की गई थी, बल्कि इसके पीछे एक सपना था. मुख्य आरोपी महेंद्र कुमार उर्फ रमेश करणसिंह मकवाना की भतीजी ने सपना देखा था कि अगर वह भीडभंजन महादेव मंदिर का शिवलिंग अपने घर में स्थापित कर दे, तो उसे अपार समृद्धि और सफलता मिलेगी. इस सपने को सच करने के लिए महेंद्र और उसके साथियों ने मंदिर से शिवलिंग चुराने की साजिश रची. वे दो गाड़ियों में आए, मंदिर की रेकी की और फिर रात के अंधेरे में शिवलिंग को उठाकर अपने गांव साबरकांठा ले गए.
इस मामले में पुलिस ने आठ पुरुषों और तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपियों का संबंध साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर तालुका के मेडी टिम्बा गांव से है. इनके साथ तीन महिलाओं ने भी इस साजिश में अहम भूमिका निभाई थी, जिन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.चोरी की गई जगह से यह भी पता चला कि चोरों ने मंदिर में रखी अन्य कीमती वस्तुओं को हाथ तक नहीं लगाया. उनका सिर्फ एक ही मकसद था – शिवलिंग को ले जाना. 25 फरवरी की सुबह 3 से 5 बजे के बीच यह घटना घटी. पुलिस ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के जरिए आरोपियों को पकड़ लिया और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
शिवरात्रि के दिन, जब यह खबर फैली कि मंदिर से शिवलिंग चोरी हो गई है, तो श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची. लेकिन पुजारियों ने तुरंत पार्थेश्वर शिवलिंग का निर्माण कर पूजा करवाई. हालाँकि, इस घटना ने लोगों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया और पुलिस पर दबाव बना कि जल्द से जल्द दोषियों को पकड़ा जाए. पुलिस की तत्परता से अब सभी आरोपी पकड़े जा चुके हैं और आगे की जांच जारी है.

