पेंसिल्वेनिया की 23 वर्षीय महिला पेट्रिया मैकेथेन को वैंपिंग (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) करना पसंद था। उन्हें लगा कि यह सिर्फ एक मजेदार आदत है । वैंपिंग के अलग-अलग फ्लेवर, मीठी खुशबू और मोटे धुएं के बादल लेकिन यही शौक उनकी सेहत के लिए खतरनाक साबित हुआ। 22 साल की उम्र में वह वैंपिंग की आदी हो गईं। हर दिन गहरी-गहरी कश लेने की वजह से उनके फेफड़ों पर असर पड़ने लगा, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। एक साल के अंदर ही उनके फेफड़ों की हालत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें सांस लेने में दिक्कत होने लगी।

डॉक्टरों की चेतावनी
शुरुआत में उन्होंने सोचा कि यह सिर्फ अस्थमा (Asthma) की समस्या है। लेकिन जब सांस फूलने और सीने में दर्द की समस्या बढ़ गई, तो वह अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों ने जब जांच की, तो चौंकाने वाला सच सामने आया उनके फेफड़े फट चुके थे (Lung Collapse)। जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों ने युवाओं को चेतावनी दी है कि अगर वे अभी भी वैंपिंग कर रहे हैं, तो तुरंत इसे छोड़ दें। अन्यथा, उन्हें सर्जरी करवानी पड़ सकती है या इससे भी बुरा हो सकता है यानी जान जाने का खतरा बढ़ सकता है।


