भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरूण चुघ ने उमर अब्दुल्ला और नेशनल कांफ्रेंस पर तीखा हमला बोलते हुए उनके बजट को “फेल दस्तावेज” करार दिया, जिसमें जनता के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यह बजट न तो दूरदर्शी है, न ही इसमें कोई नई पहल है, और न ही यह जम्मू-कश्मीर की समस्याओं का समाधान करता है।

चुघ ने जोर देकर कहा कि बजट में उल्लेखनीय कुछ भी नहीं है, सिवाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्रीय योजनाओं के जो जम्मू-कश्मीर के लोगों के उत्थान में लगातार योगदान दे रही हैं। यह बजट मोदी सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को रीपैकेज करने का एक असफल प्रयास मात्र है, जिसमें नेशनल कांफ्रेंस की कोई खुद की योजना नहीं है।
चुनाव के समय किए गए वादों पर सवाल उठाते हुए चुघ ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस ने विधानसभा चुनावों के दौरान बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन इस बजट में उनमें से कोई भी दिखाई नहीं देता। यह जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ एक बड़ा धोखा है। बेरोजगारी के मुद्दे पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट बढ़ती बेरोजगारी को रोकने के लिए कुछ भी नहीं करता। जम्मू-कश्मीर के युवाओं को रोजगार की उम्मीद थी, लेकिन नेशनल कांफ्रेंस के इस बजट ने उनकी सारी उम्मीदों को तोड़ दिया है। यह केवल खोखले वादों का पुलिंदा है।


