कठुआ जिले के राजबाग क्षेत्र में 2 बच्चों के 13 दिन से लापता होने की घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं पुलिस भी बच्चों की तलाश में पूरी ताकत झोंक रही है।

इसी सिलसिले में सोमवार देर शाम डी.आई.जी. शिव कुमार शर्मा ने राजबाग का दौरा किया और लापता बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें आश्वासन दिया कि पुलिस इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रही है और बच्चों को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस दौरान डी.आई.जी. के साथ डी.एस.पी. बॉर्डर धीरज कटोच और थाना प्रभारी राजबाग अजय चिब भी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि उनकी टीमें हर संभावित स्थान पर तलाशी अभियान चला रही हैं और बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई लिखित शिकायत के अनुसार 27 फरवरी को सुबह करीब 11 बजे दीना उर्फ दिनू (15) पुत्र स्वारू, निवासी हार्डो मुठी, राजबाग और उसका रिश्तेदार रहमत अली (12) पुत्र माखन दीन, निवासी भांबरवान, रोजाना की तरह भेड़-बकरियां चराने के लिए गए थे, लेकिन उसके बाद से वे वापस नहीं लौटे। दिनभर इंतजार के बाद जब परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो उनका कोई सुराग नहीं मिला। गांव के अन्य लोगों के साथ मिलकर आसपास के इलाकों में खोजबीन की गई लेकिन बच्चे नहीं मिले। इसके बाद थाना राजबाग में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी।
डी.आई.जी. शिव कुमार शर्मा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लापता बच्चों की तलाश को प्राथमिकता दी जाए और इस दिशा में तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की टीमें अन्य जिलों में भी तलाशी अभियान चलाएंगी। माखन दीन व स्वारू दीन के पंजाब, जम्मू और उधमपुर में रहने वाले रिश्तेदारों से संपर्क किया जाएगा। डी.आई.जी. ने थाना प्रभारी अजय चिब को निर्देश दिए कि डेरों, जंगलों, सुनसान इलाकों, और आसपास के राज्यों में भी खोजबीन की जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से जारी की जाएं और जैसे ही कोई सुराग मिले तुरंत कार्रवाई की जाए।


