चंडीगढ़ नगर निगम ने गर्मी के दौरान पेयजल संरक्षण के लिए योजना तैयार की है। समय-समय पर संशोधित चंडीगढ़ जल आपूर्ति उप नियमों के खंड 13 (एक्स) 29 (ए) 34 (डी), (ई), (जी) और 47 के तहत किसी भी नागरिक या संस्थान द्वारा पानी की बर्बादी पर भारी जुर्माना लगाने की योजना बनाई गई है।

जल संरक्षण योजना के बारे में जानकारी देते हुए नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि नगर निगम जलापूर्ति के समय लॉन में पानी डालने, वाहनों और आंगन आदि की धुलाई करने, ओवरहेड/अंडर ग्राउंड वाटर टैंकों से ओवरफ्लो, वाटर मीटर चैंबर से रिसाव, बिब टैप न लगाने के कारण पानी की बर्बादी, फेरूल से वाटर मीटर तक पाइप लाइन में रिसाव, डेजर्ट कूलर से रिसाव, जलापूर्ति लाइन पर सीधे बूस्टर पंप की स्थापना और उपयोग तथा किसी अन्य कारण से पानी के दुरुपयोग की बर्बादी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
उन्होंने कहा कि बार-बार उल्लंघन करने वालों का पानी का कनैक्शन बिना पूर्व सूचना के निलंबित कर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे नोटिस के जारी होने के 24 घंटे के भीतर दोष गलती को ठीक करवा लें। ऐसा न करने पर उक्त परिसर में पानी की आपूर्ति बंद/काट दी जाएगी और उपनियमों के प्रावधानों के उल्लंघन के लिए 5788 रुपए जुर्माना/दंड लगाया जाएगा, जिसे नियमित जल आपूर्ति शुल्क बिल के माध्यम से वसूला जाएगा। आयुक्त ने शहर के नागरिकों से सहयोग करने तथा बहुमूल्य जल की बर्बादी रोककर तथा जल संरक्षण करके मांग को पूरा करने में निगम की मदद करने की अपील की।


