ऊना में अवैध खनन पर शिकंजा, बिना पंजीकरण और जीपीएस ट्रैकिंग के नहीं चलेगी मशीनरी

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ऊना जिले में अवैध खनन गतिविधियों पर लगाम के लिए निर्णायक कदम उठाते हुए जिला प्रशासन ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिला दंडाधिकारी उपायुक्त जतिन लाल ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशों की अनुपालना में खनन गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए ये सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण और जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस के कोई भी खनन मशीनरी जिले में संचालित नहीं होगी।

खनन मशीनरी का अनिवार्य पंजीकरण

जारी आदेश के मुताबिक जिले में संचालित सभी जेसीबी, एक्सकेवेटर और टिपर का सात दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। गैर-पंजीकृत मशीनरी के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सभी खनन मशीनों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाना और उसे संबंधित पंजीकरण अधिकारियों से लिंक कराना अनिवार्य होगा। इससे अवैध खनन गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खनन केवल स्वीकृत क्षेत्रों में ही हो।

आदेश के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

उपायुक्त ने कहा आदेश का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। गैर-अनुपालन करने पर वाहन पंजीकरण निलंबित कर दिया जाएगा और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 तथा खनिज एवं खदान (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन इन आदेशों को पूरी सख्ती से लागू करेगा और जिले में जिम्मेदार खनन प्रथाओं को सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि अवैध खनन गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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