दिल्ली पुलिस ने एम.के. ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मोशिन मोहम्मद को गिरफ्तार किया है, जिसने बैंक से 95 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. उसपर लोगों से ठगी का भी आरोप है.

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए आरोपी मोशिन मोहम्मद को गिरफ्तार किया है. आरोपी ने गिरवी रखी संपत्ति को धोखाधड़ी से बेचकर 13 करोड़ रुपये की ठगी की थी. पुलिस ने निजामुद्दीन के एक होटल से उसे दबोचा.
मामला यस बैंक लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज हुआ था. बैंक ने बताया कि मांस निर्यातक कंपनी एम.के. ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, जो अब दिवालिया हो चुकी है, ने 2016 में 95 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. इसके बदले कंपनी ने दरियागंज और अंसारी रोड स्थित एक संपत्ति गिरवी रखी थी. लेकिन, 2018-19 के बीच मोशिन मोहम्मद ने इस जमीन पर फ्लैट बनवाकर बेच दिए, जबकि खरीदारों को बताया तक नहीं कि ये प्रॉपर्टी पहले से बैंक के पास गिरवी थी. इस तरह उसने 13 करोड़ रुपये ठग लिए.
जांच में सामने आया कि आरोपी ने ठगी से मिले पैसों में से 3.33 करोड़ रुपये अपने निजी खर्चों में उड़ा दिए. जब पुलिस उसकी तलाश में जुटी तो वह लगातार मोबाइल नंबर और सिम बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था. आर्थिक अपराध शाखा ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी निजामुद्दीन (पश्चिम) के एक होटल में मौजूदगी का पता लगाया. वहां 26 मार्च 2025 को छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में उसने फर्जीवाड़े की बात कबूल कर ली.
पुलिस जांच में पता चला कि मोशिन मोहम्मद एम.के. ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड का निदेशक था. उसने देशभर के बैंकों से करीब 300 करोड़ रुपये का कर्ज लिया, लेकिन जब व्यापार में घाटा हुआ, तो लोन चुकाने के बजाय उसने संपत्तियों को गैरकानूनी तरीके से बेचकर पैसे हड़प लिए. उसके खिलाफ दिल्ली आर्थिक अपराध शाखा में दो बड़े केस (FIR 154/2021 और 98/2022) और उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर में दो केस (FIR 76/2024 और 181/2024) दर्ज हैं.


