जैसलमेर पुलिस का हैंड ग्रेनेड और चार कारतूस मिलने को लेकर कहना है कि जांच के बाद ही साफ हो सकेगा कि युद्ध के हालात के बीच रिहायशी बस्ती में हथियार मिलने की सच्चाई क्या है?

भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम के एक दिन बाद राजस्थान के बॉर्डर से सटे जैसलमेर जिले में मिले हथियार ने सनसनी फैला दी है. दरअसल, जैसलमेर में एक हैंड ग्रेनेड और चार कारतूस मिलने के बाद हड़कंप की स्थिति है. ये हथियार जैसलमेर शहर से बॉर्डर की तरफ तकरीबन 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोहड़ा गांव में मिले हैं.
जैसलमेर के पोहड़ा गांव के रहने वाले फौजियों के मुताबिक हैंड ग्रेनेड में पिन लगी हुई है और वह जिंदा है. मौके पर मिले कारतूसों में तीन जिंदा हैं और एक खोखा है.
जैसलमेर के पोहड़ा गांव एंट्री पॉइंट पर मिला हैंड ग्रेनेड HE 36 है. जबकि सभी बुलेट SLR राइफल की हैं. गांव के लोगों ने यह हथियार आज सुबह देखे हैं. इस घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हथियार वाली जगह घेराबंदी कर दी है. सभी हथियारों को कपड़े में बांध कर लोगों को वहां से दूर हटा दिया गया है.
भारतीय सेना को भी इस बारे में सूचना दे दी गई है. सेना की टीम कुछ देर में मौके पर पहुंचकर हैंड ग्रेनेड को डिफ्यूज करेगी. हालांकि, हैंड ग्रेनेड काफी पुराना लग रहा है. जैसलमेर में जिस जगह हथियार मिले हैं, वहां एक पर्ची भी रखी हुई मिली है. पर्ची पर भूसेन खान पुत्र सुल्तान खान की तरफ से पोहड़ा गांव को सप्रेम भेंट लिखा हुआ है. मौके से मिला पर्ची पूरे मामले को संदिग्ध बना रही है.
पर्ची मिलने के बाद इस बात की आशंका है कि किसी ने शरारत करते हुए हथियारों को रात के अंधेरे में गांव में रख दिया है. हालांकि, सवाल यह उठता है कि यह हथियार कहां से आए? इस बात का जवाब ढूंढना जरूरी है, क्योंकि मौके से मिली पर्ची ने हथियारों को लेकर सस्पेंस बढ़ा दिया है.
जैसलमेर पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच के बाद ही यह पूरी तरह साफ हो सकेगा कि युद्ध के हालात के बीच रिहायशी बस्ती में हथियार मिलने की सच्चाई क्या है. हालांकि, जिंदा हैंड ग्रेनेड और कारतूस मिलने के बाद दहशत का माहौल है. गांव के लोग डरे हुए हैं और वह इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.


