दिल हमारी जिंदगी का वह इंजन है, जो हर पल शरीर को ऊर्जा देता है. लेकिन भागदौड़ भरी जिंदगी के कारण हृदय रोगों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. अक्सर लोग सोचते हैं कि दिल की जांच सिर्फ़ अस्पताल में जाकर ही संभव है, लेकिन अब ऐसा नहीं है. विशेषज्ञ मानते हैं कि कुछ आसान टेस्ट घर पर ही किए जा सकते हैं, जो आपके दिल की सेहत का अंदाजा देने में मददगार साबित होंगे. इसी कड़ी में डॉ. महेश वाधवान बताते हैं कि इन टेस्ट के जरिए आप समय रहते खतरे की पहचान कर सकते हैं.
पल्स रेट टेस्ट
दिल की धड़कन का सीधा संबंध उसकी सेहत से है. सामान्य स्थिति में 60 से 100 बीट प्रति मिनट को सामान्य माना जाता है. अगर आपकी धड़कन बहुत तेज या बहुत धीमी है, तो यह हृदय रोग का संकेत हो सकता है. रोजाना सुबह उठते ही 1 मिनट तक अपनी नाड़ी गिनकर आप दिल की स्थिति समझ सकते हैं.
ब्लड प्रेशर टेस्ट
ब्लड प्रेशर दिल की मजबूती और रक्त प्रवाह का आईना है. सामान्य BP स्तर 120/80 mmHg होता है. हाई ब्लड प्रेशर दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है और स्ट्रोक या हार्ट अटैक का कारण बन सकता है. आजकल डिजिटल BP मशीन आसानी से घर पर मिल जाती है, जिससे आप नियमित जांच कर सकते हैं.

ऑक्सीजन लेवल टेस्ट
ऑक्सीजन लेवल से पता चलता है कि आपका दिल और फेफड़े कितनी अच्छी तरह काम कर रहे हैं. सामान्य ऑक्सीजन लेवल 95% से 100% के बीच होना चाहिए. पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से आप घर पर ही आसानी से ऑक्सीजन और हार्ट रेट दोनों जांच सकते हैं. यदि लेवल लगातार कम दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें.
क्यों जरूरी है ये घरेलू टेस्ट?
समय पर पहचान – बीमारी बढ़ने से पहले चेतावनी मिल जाती है
सुविधाजनक – घर बैठे आसान और किफायती जांच
नियमित मॉनिटरिंग – लगातार निगरानी से आप जीवनशैली में सुधार कर सकते हैं
डॉक्टर को सही जानकारी – जांच के आंकड़े डॉक्टर को बीमारी की स्थिति समझने में मदद करते हैं
दिल की देखभाल सिर्फ अस्पताल जाने से ही नहीं होती, बल्कि रोजमर्रा की छोटी आदतें और घरेलू जांच भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती हैं. पल्स रेट टेस्ट, ब्लड प्रेशर टेस्ट और ऑक्सीजन लेवल टेस्ट ऐसे तीन आसान तरीके हैं, जिनसे आप घर पर ही अपने दिल की स्थिति का अंदाजा लगा सकते हैं.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.


