Silver Price Crash: एक झटके में 20000 रुपये गिरी चांदी की कीमत, जानें अपने शहर का ताजा भाव

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सोने-चांदी की कीमत में पिछले कुछ दिनों से तेज उतार-चढ़ाव जारी है. इसी क्रम में आज चांदी की कीमत में प्रति किलो के हिसाब से 20000 रुपये की गिरावट आई है.

आज गुरुवार 5 फरवरी को चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई. MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भारतीय समयानुसार सुबह 9:36 बजे तक चांदी की कीमतें 2,46,257 रुपये प्रति किलोग्राम पर थीं, जो पिछले बंद भाव से 8.4 परसेंट कम है. इस बड़ी गिरावट से पहले चांदी की कीमत 2,52,719 रुपये पर खुली थी.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर आज चांदी की कीमत 81 डॉलर प्रति औंस थी, जो पिछली क्लोजिंग से 3.74 परसेंट कम है. हालांकि, गिरावट से पहले चांदी में लगभग 25 परसेंट का उछाल भी आया. इसी तरह से रिटेल मार्केट में आज चांदी की कीमत में प्रति किलो के हिसाब से 20000 रुपये की गिरावट आई है .बुधवार को भारत में चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल आया. इसके चलते इसकी कीमत 320 रुपये प्रति ग्राम और 3,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर पहुंच गई. जनवरी में चांदी की कीमतें 4 लाख रुपये के पार चली गई थीं, लेकिन बाद में इसमें तेजी से गिरावट आई.

बुधवार को आई तेजी के बाद आज चांदी की कीमत में प्रति किलो के हिसाब से 20000 रुपये की गिरावट आई है, जिससे अब इसकी कीमत 3,00,000 रुपये है. वहीं, प्रति ग्राम के हिसाब से अभी चांदी 300 रुपये में बिक रही है. इसी के साथ दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, अहमदाबाद, जयपुर जैसे तमाम बड़े शहरों में आज 1 ग्राम चांदी की कीमत 3000 रुपये, 100 ग्राम चांदी की कीमत 3000 रुपये और 1 किलो चांदी की कीमत 3,00,000 रुपये है.

दरअसल, अरब सागर में अमेरिकी सेना और ईरान के बीच तनातनी ने सेफ-हेवन डिमांड को बढ़ाया, लेकिन बाजार को फिलहाल शुक्रवार को होने वाली परमाणु वार्ता के नए दौर का इंतजार है. इसके अलावा, चांदी और दूसरी कीमती धातुओं की कीमतें अमेरिकी डॉलर में आई तेजी पर नेगेटिव रिएक्शन दे रही हैं. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अब 98 के निशान के करीब ट्रेड कर रहा है, जबकि जनवरी के आखिर में यह चार साल के निचले स्तर पर गिर गया था.

डॉलर इंडेक्स और सोने-चांदी जैसे कीमती धातुओं के बीच उल्टा संबंध होता है. डॉलर मजबूत होने पर इनकी कीमतें गिरती हैं क्योंकि सोने-चांदी की कीमत डॉलर में तय होती है. ऐसे में जब डॉलर मजबूत होता है, तो रुपये जैसी दूसरी करेंसीज का इस्तेमाल करने वाले खरीदारों के लिए सोना-चांदी खरीदना महंगा हो जाता है. इससे ग्लोबल लेवल पर मांग कम होती है और कीमतों में गिरावट देखने को मिलती है.

इसके अलावा, जब डॉलर मजबूत होता है तो निवेशक चांदी जैसे गैर-ब्याज वाले एसेट्स के बजाय डॉलर में निवेश करना ज्यादा पसंद करते हैं. चांदी गैर-ब्याज एसेट इसलिए है क्योंकि इसे अपने पास रखने मात्र से यह कोई अतिरिक्त पैसा, इंटरेस्ट या डिविडेंड जेनरेट नहीं करता.

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