NATIONAL : डमी ड्राइवर, फर्जी हलफनामा… लैंबॉर्गिनी वाले रइसजादे की करतूत छुपाने की पूरी साजिश डिकोड

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कानपुर के लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. उसकी गिरफ्तारी गुरुवार की सुबह हुई है. जिसके बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी.

कानपुर के चर्चित लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने कोर्ट को अवगत कराया कि 8 तारीख को घटना घटित होने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया. इसके अगले दिन, 9 तारीख को एक डमी ड्राइवर को वाहन चालक बताकर फर्जी हलफनामा तैयार किया गया. जिसे बाद में कोर्ट में भी दाखिल कर दिया गया.

पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि घटना के समय गाड़ी शिवम ही चला रहा था. इसके बाद पुलिस टीम नोटिस की तामील कराने उसके पास पहुंची और उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए गए. लेकिन इसके बावजूद वह खुद को कानून से बचाने के लिए छिपता रहा और तरह-तरह के बहाने बनाता रहा.उसकी गिरफ्तारी 35 बीएनएस का पालन न करने पर हुई है. वहीं आरोपी की देर से गिरफ्तारी को लेकर भी पुलिस का बयान आया है. पुलिस के मुताबिक मामले में लगी धाराएं 7 साल से कम सजा की होने के कारण अभियुक्त को तत्काल गिरफ्तार नहीं किया गया. बल्कि नोटिस तामील कराने के लिए पुलिस टीम उसके पास भेजी गई.

हालांकि, अभियुक्त द्वारा 35-बीएस के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते पुलिस के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह 7 साल से कम सजा वाली धाराओं में भी अभियुक्त को गिरफ्तार कर सकती है. पुलिस ने कोर्ट से यह मांग की है कि आरोपी को 14 दिन की न्याय हिरासत में भेजा जाए. कानपुर लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में शिवम मिश्रा की तरफ से समझौते के लिए शपथ पत्र दाखिल किया गया था. वादी के वकील ने कहा कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चला रहा था. जबकि पुलिस जांच में सामने आया कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चल रहा था.

कोर्ट में मोहन लाल का शपथ पत्र भी दिया गया था. जिसमें घटना से जुड़े तथ्यों का जिक्र है. न्यायालय ने सभी पक्षों की दलीलें और सबूतों को सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था.बता दें कि कानपुर में लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना मामले में जितनी चर्चा दुर्घटना की है, उससे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि गाड़ी कौन चला रहा है. क्योंकि वीडियो में शिवम मिश्रा कार से बाउंसर के साथ निकलते हुए देखा गया. साथ ही पुलिस भी कह रही है कि गाड़ी शिवम मिश्रा ही चला रहा था. लेकिन कोर्ट में शिवम मिश्रा के एडवोकेट की तरफ से दावा किया गया था कि गाड़ी ड्राइवर मोहन चल रहा था. यह दावा खुद शिवम मिश्रा के पिता केकेबमिश्रा ने भी किया था.

मोहन को सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करना था. आज तक से बातचीत करने के दौरान डमी ड्राइवर मोहन ने बताया कि गाड़ी मैं ही चल रहा था. गाड़ी ठीक करने के लिए मैं दिल्ली से आया था. गाड़ी टेस्ट कर रहा था. बगल की सीट में शिवम मिश्रा बैठे थे. तभी वह मेरे ऊपर गिर गए. मैं कुछ समझ नहीं पाया और गाड़ी का बैलेंस खो गया.

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