अशोक कुमार मित्तल पंजाब के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं. उन्होंने शिक्षाविद के तौर पर अपनी पहचान बनाई और फिर 2022 में सक्रिय राजनीति में आए. आम आदमी पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता के पद से हटा दिया है. अब उनकी जगह पर AAP ने सांसद अशोक कुमार मित्तल को डिप्टी लीडर बनाने को लेकर राज्यसभा सचिवालय को एक चिट्ठी लिखी है. अशोक मित्तल पार्टी के अनुभवी नेता हैं और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर अपनी पहचान बनाई है.
अशोक मित्तल पंजाब के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं. पंजाब का यह पहला प्राइवेट यूनिवर्सिटी है. शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में उनकी पहचान है. शिक्षाविद से राजनेता बने अशोक कुमार मित्तल ने 2022 में सक्रिय राजनीति में एंट्री ली. वे अप्रैल 2022 में उच्च सदन के लिए निर्वाचित हुए थे और तब से रक्षा समिति, वित्त समिति और फरवरी 2026 में गठित समिति सहित कई संसदीय समितियों के मेंबर रहे हैं.

उन्हें भारत-अमेरिका संसदीय मैत्री समूह का सदस्य भी बनाया गया था. पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले के बाद डीएमके सांसद कनिमोझी के नेतृत्व में रूस, लातविया, स्लोवेनिया, ग्रीस और स्पेन का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में भी वे शामिल थे. इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक कुमार मित्तल ने कहा, ”पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन एक निरंतर प्रक्रिया है. पहले एनडी गुप्ता जी उपनेता थे, फिर राघव जी ने पदभार संभाला और अब मुझे यह जिम्मेदारी दी गई है. कल किसी और को यह मौका मिल सकता है. पार्टी चाहती है कि हर सांसद और नेता विभिन्न भूमिकाओं में सीखे और अनुभव प्राप्त करे, और मुझे प्रशासनिक और राजनीतिक कौशल विकसित करने के लिए यह जिम्मेदारी दी गई है.”
राघव चड्ढा के पार्टी छोड़ने की अटकलों पर भी अशोक मित्तल ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ये महज़ अफवाहें हैं और ऐसी बातें फैलती रहती हैं और इन्हें महत्व नहीं देना चाहिए. बता दें कि आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को उच्च सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने की मांग की है. अपने पत्र में पार्टी ने यह भी आग्रह किया है कि राघव चड्ढा को अब आप के कोटे से सदन में बोलने का समय आवंटित न किया जाए.


