महानगर मेट्रो सर्विस, सांतेज
पत्रकारिता के पवित्र पेशे को कलंकित करने वाले एक गिरोह का सांतेज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। खुद को न्यूज़ चैनल का पत्रकार बताकर लोगों को डराने और अवैध वसूली करने वाली इस गैंग के एक सदस्य को पुलिस ने चंद घंटों में दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक व्यक्ति से सवा लाख रुपये की फिरौती वसूली थी।
धमकी का खौफनाक खेल
मामले की जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता के घर जाकर उसे धमकाया कि “तुम अवैध शराब का धंधा करते हो।” आरोपियों ने जबरन उसका वीडियो बनाया और धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो इस वीडियो को न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया पर वायरल कर बदनाम कर दिया जाएगा। बदनामी और पुलिस के डर से शिकायतकर्ता ने किस्तों में कुल 1,05,000 रुपये आरोपियों को दे दिए। लेकिन जब आरोपियों की लालच बढ़ती गई, तो पीड़ित ने हिम्मत जुटाकर सांतेज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

शातिर अपराधी निकला ‘कथित’ पत्रकार
गांधीनगर रेंज आईजी वीरेंद्र यादव और एसपी रवि तेजा वासमशेट्टी के मार्गदर्शन में सांतेज पुलिस सब-इंस्पेक्टर ए.सी. सरवैया ने जाल बिछाकर निकोल (अहमदाबाद) निवासी अंकित महेशकुमार व्यास को गिरफ्तार कर लिया। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पकड़ा गया आरोपी अंकित व्यास कोई पत्रकार नहीं बल्कि एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही अहमदाबाद के आनंदनगर, सैटेलाइट और कृष्णनगर पुलिस स्टेशनों में चोरी (धारा 379) के कई मामले दर्ज हैं।
इनकी तलाश में दबिश जारी
पुलिस ने इस मामले में कुल 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। गिरफ्तार अंकित के अलावा मुख्य आरोपी संजय पांडे, मिताशु दरजी और अन्य दो अज्ञात कथित पत्रकार फिलहाल फरार हैं। पुलिस की अलग-अलग टीमें इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
पुलिस की अपील: डरें नहीं, सूचना दें
“यदि कोई भी व्यक्ति पत्रकार या अधिकारी बनकर आपको डराता है या पैसों की मांग करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। फर्जी पहचान बताकर कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
— सांतेज पुलिस
दर्ज मामला: भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 308(6), 308(2) और 54 के तहत मामला दर्ज।


