SURAT : सूरत में फिल्मी अंदाज में बैंक लूट; बदमाशों ने हथियार के दम पर बनाया कर्मचारियों को बंधक, 50 लाख की नकदी लूटकर फरार

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सूरत के वराछा इलाके में दिनदहाड़े बैंक लूट की बड़ी वारदात सामने आई है, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। हथियारबंद बदमाशों ने एसबीआई शाखा में घुसकर कर्मचारियों को बंधक बनाया और करीब 50 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए।

सूरत के वराछा इलाके में दिनदहाड़े हुई बैंक लूट की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी है। लांबे हनुमान रोड स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में 5 से 6 हथियारबंद बदमाशों ने घुसकर करीब 50 लाख रुपये की नकदी लूट ली। बदमाशों के पास पिस्तौल थी, जिसके दम पर उन्होंने बैंक के कैशियर और अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया और वारदात को अंजाम दिया।

डीसीपी आलोक कुमार के मुताबिक, लूट की यह वारदात बेहद सुनियोजित तरीके से की गई। बदमाशों ने उस समय बैंक को निशाना बनाया, जब CMS (कैश मैनेजमेंट सर्विस) की गाड़ी के जरिए नकदी जमा करने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान उन्होंने मौके का फायदा उठाकर बैंक में प्रवेश किया और कर्मचारियों को हथियार दिखाकर काबू में कर लिया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने स्टाफ के मोबाइल फोन भी छीन लिए, ताकि वे तुरंत पुलिस को सूचना न दे सकें।

लूट की खास बात यह रही कि पूरी घटना बैंक के अंदर ही इतनी खामोशी से अंजाम दी गई कि बाहर मौजूद कैश वैन के कर्मचारियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगी। कैश वैन के कर्मचारी शिवपूजन सिंह ने बताया कि जब तक उन्हें घटना की जानकारी मिली, तब तक लुटेरे फरार हो चुके थे। उन्होंने कहा कि न तो कोई भागता हुआ दिखाई दिया और न ही कोई शोर या सायरन सुनाई दिया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आरोपी अंदरूनी हिस्से से ही आए और वहीं से निकल गए।

बताया जा रहा है कि, पांचों आरोपियों विमल के बैग में 50 लाख रुपये भर के निकल गए। मेट्रो के काम चलने की वजह से आस-पास की दुकानें खाली करवा दी गई थीं, इसलिए बैंक में लोगों की आवाजाही बहुत कम थी। सिक्योरिटी गार्ड से पूछताछ की जा रही है। डर के मारे सिक्योरिटी गार्ड भी नीचे बैठ गया था, इसलिए इस समय उससे भी पूछताछ की जा रही है।

घटना के बाद पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। वराछा, पुणा, कापोद्रा और सरथाणा पुलिस स्टेशन समेत कई टीमों ने इलाके को घेर लिया है और शहरभर में नाकाबंदी कर दी गई है। बैंक और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शुरुआती जांच में आरोपियों के चेहरे कैमरे में कैद हुए हैं, हालांकि एक-दो चेहरों की पहचान कैमरा एंगल के कारण स्पष्ट नहीं हो पाई है। डीसीपी ने यह भी स्पष्ट किया कि लुटेरों द्वारा बुरखा पहनने की जो बातें सामने आ रही थीं, वह गलत हैं। किसी भी आरोपी ने बुरखा नहीं पहना था। पुलिस का कहना है कि यह संगठित गिरोह का काम लगता है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।

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