आजकल चाय की टपरी पर दस रुपये देने हों से लेकर शॉपिंग मॉल में हजारों का बिल चुकाना हो. ज्यादातर लोग कैश पेमेंट करने के बजाय ऑनलाइन UPI पेमेंट करते हैं. जिसमें महज कुछ सेकेंड्स का समय लगता है. लेकिन कई बार जल्दबाजी में नंबर टाइप करने में एक गड़बड़ी हो जाती है और पैसे किसी और के खाते में चले जाते हैं. जैसे ही इसका पता चलता है कि किसी और को पैसे पहुंच गए हैं तो लोग परेशान हो जाते हैं.
ज्यादातर लोग ऐसे वक्त में घबरा जाते हैं कि उनके पैसे अब डूब गए हैं. लेकिन अगर आप शुरुआती कुछ घंटों में घबराने के बजाय सही कदम उठा लें तो आपका पूरा पैसा वापस मिल सकता है. रिजर्व बैंक और NPCI ने इसके लिए बकायदा एक सीधा प्रोसेस बनाया हुआ है. चलिए आपको बताते हैं ऐसी सिचुएश में आपको क्या करना चाहिए.
सबसे पहले करें ये काम
गलत ट्रांजेक्शन होते ही सबसे पहला काम यह करें कि उस पेमेंट की स्क्रीन का तुरंत स्क्रीनशॉट ले लें जिसमें UTR नंबर यानी ट्रांजेक्शन ID, तारीख और समय साफ दिख रहा हो. इसके बाद जिस नंबर पर पैसे गए हैं उस पर एक बार कॉल करके आराम से अपनी बात बताएं. कई बार सामने वाला इंसान ईमानदार होता है और ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक करके आपके पैसे तुरंत वापस लौटा देता है.
लेकिन ध्यान रहे कि पैसे वापस मंगाने के चक्कर में सामने वाले के भेजे किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना UPI पिन डालें. अगर वह इंसान फोन नहीं उठाता है या पैसे लौटाने से साफ मना कर देता है तो बिना देर किए अपने Google Pay, PhonePe और Paytm जैसे App के Help Section में जाएं. वहां उस गलत ट्रांजेक्शन को सेलेक्ट करके Having Issue With This Payment पर क्लिक करें और Wrong Account Transfer की शिकायत दर्ज करा दें. जिससे App की टीम तुरंत एक्शन ले सके.
NPCI पोर्टल और टोल-फ्री नंबर पर दर्ज कराएं शिकायत
पेमेंट App पर रिपोर्ट करने के साथ ही आपको तुरंत NPCI पर शिकायत करनी चाहिए, इसके लिए अपने फोन या लैपटॉप के ब्राउजर में जाकर npci.org.in वेबसाइट खोलें. वहां UPI का सेक्शन मिलेगा जिसमें डिस्प्यूट रिड्रेसल मैकेनिज्म का टैब दिखाई देगा. इस पर क्लिक करने के बाद आपके सामने एक शिकायत फॉर्म खुल जाएगा. यहां ट्रांजेक्शन वाले हिस्से में नेचर ऑफ ट्रांजेक्शन चुनें और इश्यू के अंदर इनकरेक्टली ट्रांसफर्ड टू अनदर अकाउंट सेलेक्ट करें.

इसके बाद अपनी ट्रांजेक्शन ID, बैंक का नाम, गलत गया हुआ अमाउंट, तारीख और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भर दें. तो साथ में अपने Bank Statement का स्क्रीनशॉट अपलोड करके फॉर्म सबमिट कर दें. इसके अलावा आप तुरंत टोल-फ्री नंबर 1800-120-1740 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. शिकायत जितनी जल्दी दर्ज होगी पैसे होल्ड होने के चांस उतने ही ज्यादा रहते हैं.
48 घंटे के अंदर अपनी बैंक ब्रांच में करें शिकायत
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की गाइडलाइंस कहती हैं कि अगर Digital Payment में कोई गलती होती है. तो यूजर को 24 से 48 घंटे के भीतर अपने बैंक को इसकी जानकारी देनी चाहिए. इसलिए ऑनलाइन शिकायत करने के बाद अपनी होम बैंक ब्रांच में जाएं और मैनेजर को एक लिखित Application के साथ गलत ट्रांजेक्शन का स्क्रीनशॉट सौंप दें. आपका बैंक तुरंत उस बैंक से संपर्क करेगा जिस खाते में पैसे गए हैं. बैंक अधिकारी सामने वाले अकाउंट होल्डर से बात करके आपकी रकम को लियन यानी होल्ड पर डाल देते हैं और उसकी मंजूरी लेकर पैसे आपके खाते में रिवर्स कर देते हैं. अगर सामने वाला व्यक्ति पैसे निकालने के बाद भी आनाकानी करता है तो बैंक की मदद से उस पर कानूनी दबाव बनाया जा सकता है.


